
Chandrashekhar Azad Statement: आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बड़ा बयान दिया है। अमरोहा के हसनपुर में भीम आर्मी के प्रत्याशी शाहनवाज चौधरी के समर्थन में आयोजित चुनावी रैली और जनसभा के दौरान चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती दी। चंद्रशेखर ने दावा किया कि यदि वे (या उनकी पार्टी के प्रत्याशी) सीएम योगी को बिजनौर जिले की किसी भी विधानसभा सीट से हरा नहीं पाए, तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
चंद्रशेखर आजाद ने मंच से कहा कि, "मैं ऐलान करके कहता हूं कि बिजनौर जिले में 2 रिजर्व और 6 जनरल सीटें हैं। मुख्यमंत्री किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। आजाद ने कहा कि सीना ठोककर इनमें से किसी भी सीट पर चुनाव लड़ने आ जाएं। अगर उन्हें हराकर नहीं भेजा तो राजनीति छोड़ दूंगा। अगर मुख्यमंत्री लोकप्रिय हैं और वोटों की चोरी के बिना चुनाव जीतते हैं, तो उन्हें बिजनौर आकर मुकाबला करना चाहिए।" बताते चलें कि इससे पहले अखिलेश यादव ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में काफी चर्चा हुई थी।
रैली के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं। इसके बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद पर बने हुए हैं। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ईवीएम की जगह मतपत्र यानी बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जनता की एकजुटता से मुख्य चुनाव आयुक्त तक को इस्तीफा देने पर मजबूर किया जा सकता है।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि इन दिनों राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। सभी दलों के नेता एक-दूसरे पर जमकर बयानबाजी कर रहे हैं और आमने-सामने चुनाव लड़ने की चुनौतियां दे रहे हैं। अपने पुराने चुनावी सफर का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि जब 2022 में विधानसभा चुनाव हुए थे तब उनकी पार्टी ने उन्हें गोरखपुर विधानसभा सीट से जिम्मेदारी सौंपी थी। यह वही सीट थी जहां से खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव लड़ रहे थे। चंद्रशेखर ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री से यह साफ कर दिया है कि मैं तो आपके अपने शहर गोरखपुर में भी आपके खिलाफ चुनाव लड़ चुका हूं इसलिए मैं किसी चुनौती से पीछे हटने वाला नहीं हूं।
चंद्रशेखर आजाद ने प्रदेश सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर केवल एक वर्ग विशेष के लोगों के घरों पर चलाया जा रहा है जबकि शासन के संरक्षण में रहने वाले असामाजिक तत्वों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में शिक्षा, चिकित्सा और सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं और सत्ताधारी दल रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रहा है।
आपको बता दें कि चंद्रशेखर आजाद लगातार उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी को मजबूत करने और अपना जनाधार बढ़ाने में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री को सीधे चुनौती देकर आजाद ने यह साफ कर दिया है कि वह आगामी चुनावों में सत्तारूढ़ दल को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।