अमरोहा

साइबर अपराधियों का नया पैंतरा: न लिंक, न ओटीपी; फिर कैसे साफ हुए 4.20 लाख? जानें पूरा मामला

Cyber Fraud Scam: यूपी के अमरोहा में साइबर ठगों ने खुद को पुलिस बनाकर महिला को डराया और उसके बेटे को फंसाने की धमकी देकर 4.20 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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Apr 01, 2026
साइबर अपराधियों का नया पैंतरा (Image - Freepik)

Police Impersonation Scam:उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से साइबर अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने बिना किसी ओटीपी या लिंक के, केवल डर और धमकी के सहारे एक महिला से 4.20 लाख रुपये ठग लिए। अपराधियों ने खुद को बिजनौर पुलिस का अधिकारी बताकर महिला को उसके बेटे के खिलाफ झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने की बात कही और पैसे ऐंठ लिए।

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पुलिस अधिकारी बनकर रची गई साजिश

घटना नगर के मुहल्ला मछरट्टा की है, जहां स्वर्गीय शैलेश सरन गुप्ता के परिवार में उनकी पत्नी रवि लता अग्रवाल रहती हैं। 26 मार्च को उनके व्हाट्सएप नंबर पर दो अज्ञात नंबरों से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बिजनौर थाने में तैनात दारोगा संजय अरोड़ा बताया और कहा कि उनका बेटा एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में पकड़ा गया है।

डर का माहौल बनाकर मांगे गए पैसे

आरोपियों ने महिला को बेहद डराया और कहा कि अगर तुरंत पैसे ट्रांसफर नहीं किए गए तो बेटे को जेल भेज दिया जाएगा। साथ ही सख्त हिदायत दी गई कि वह किसी को इस बारे में न बताएं और न ही अपने बेटे को कॉल करें। इस मानसिक दबाव में आकर महिला पूरी तरह घबरा गईं।

जनसेवा केंद्र से पहली बार में 2 लाख ट्रांसफर

डरी हुई रवि लता अग्रवाल ने उसी दिन एक जनसेवा केंद्र पर जाकर आरोपियों द्वारा बताए गए दो अलग-अलग खातों में कुल 2 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। उन्हें लगा कि इससे उनका बेटा बच जाएगा और मामला यहीं खत्म हो जाएगा।

अगले दिन फिर मांगे गए पैसे, बढ़ा ठगी का दायरा

लेकिन ठग यहीं नहीं रुके। 27 मार्च को उन्होंने फिर कॉल कर और पैसे की मांग की। महिला ने फिर से विश्वास करते हुए एक अन्य खाते में 2.20 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 4.20 लाख रुपये ठगों के खातों में चले गए।

एक लाख और मांगने पर हुआ शक

जब आरोपियों ने एक लाख रुपये और ट्रांसफर करने का दबाव बनाया, तब महिला को शक हुआ। उन्होंने घबराकर अपने परिजनों को पूरी बात बताई और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जब पुलिस ने दिए गए नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, तो वे बंद मिले।

सच्चाई सामने आने पर उड़े होश

बाद में महिला ने अपने बेटे से संपर्क किया, जिसने किसी भी तरह के मामले में फंसने से साफ इनकार कर दिया। तब जाकर उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच जारी

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मोबाइल नंबर और बैंक खातों के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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