
Guru Purnima 2026: अमरोहा जनपद में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। ब्रजघाट और तिगरी गंगा धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा में पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। घाटों पर "हर-हर गंगे" और "जय मां गंगे" के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर गंगा स्नान कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में मंगल की कामना की।
गंगा स्नान का सिलसिला बुधवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही शुरू हो गया था। सुबह होते-होते ब्रजघाट और तिगरी धाम के घाट श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर गए। करीब सुबह दस बजे तक लगातार श्रद्धालु गंगा में स्नान करते रहे। कई श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में साधु-संत और धार्मिक संगठनों के लोग भी इस अवसर पर मौजूद रहे। घाटों पर धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पुरोहितों के मार्गदर्शन में हवन-यज्ञ कराए गए और परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की गई। कई श्रद्धालुओं ने गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया। वहीं निराश्रितों को कपड़े, फल, अन्न और दान-दक्षिणा देकर पुण्य अर्जित किया। घाटों पर धार्मिक और सामाजिक सेवा कार्यों का भी विशेष आयोजन देखने को मिला।
ब्रजघाट और तिगरी धाम में केवल अमरोहा ही नहीं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ब्रजघाट में मुरादाबाद, हापुड़, गजरौला, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, दिल्ली और हरियाणा से श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। वहीं तिगरी धाम में गजरौला, धनौरा, चांदपुर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। दिनभर घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
हाल के दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती। घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि प्रशिक्षित गोताखोरों को भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगाया गया। प्रशासन ने गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए और बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित की। पुलिसकर्मी लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने की अपील करते रहे।
गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी समय-समय पर घाटों का निरीक्षण करते रहे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग स्थानों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। घाटों पर मौजूद गोताखोर और राहत दल भी पूरी तरह सतर्क रहे।
पुलिस ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तिगरी धाम और ब्रजघाट में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। पुलिस ने कहा कि गंगा का जलस्तर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक है, इसलिए पुलिस लगातार श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह दे रही है। किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए गोताखोरों और पुलिस टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया था।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ब्रजघाट और तिगरी धाम में श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें। गुरु पूर्णिमा का यह पर्व पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, सेवा और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।