
Kanwar Yatra 2026:अमरोहा में हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बिजनौर मार्ग के रास्ते हजारों की संख्या में शिवभक्त जिले की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। कांवड़ियों की भारी भीड़ के चलते यात्रा मार्ग भगवा रंग में रंगा नजर आ रहा है। सड़क पर दूर-दूर तक कांवड़िए ही दिखाई दे रहे हैं और पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
कंधों पर सजी कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे शिवभक्त लगातार ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगा रहे हैं। कई कांवड़िए अपने साथ भगवान शिव की प्रतिमाएं और आकर्षक झांकियां भी लेकर चल रहे हैं। जयकारों और धार्मिक गीतों से यात्रा मार्ग का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया है। रास्ते से गुजरने वाले लोगों में भी कांवड़ यात्रा को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।
सावन का दूसरा सोमवार नजदीक है, जबकि इसके बाद सावन माह की शिवरात्रि मनाई जाएगी। इसी के चलते शिवभक्तों में गंगाजल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करने को लेकर खास उत्साह है। हरिद्वार से गंगाजल भरकर निकले कांवड़िए लंबी दूरी तय करते हुए अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे हैं, जबकि कुछ समूहों में कांवड़ यात्रा करते नजर आ रहे हैं।
कांवड़ियों की सुविधा के लिए अमरोहा में यात्रा मार्ग पर जगह-जगह सेवा शिविर और भंडारे लगाए गए हैं। इन शिविरों में शिवभक्तों के लिए भोजन, पानी और आराम की व्यवस्था की गई है। कई स्थानों पर कांवड़ियों को फल, शरबत और अन्य जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्थानीय लोग भी बढ़-चढ़कर कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं।
लंबी दूरी तय करके लौट रहे कांवड़ियों की थकान दूर करने के लिए कई सेवा शिविरों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। कहीं उन्हें बैठाकर भोजन कराया जा रहा है तो कहीं पैरों की मालिश कर राहत दी जा रही है। लगातार पैदल चलने के कारण थके हुए कांवड़ियों के लिए ये सेवा शिविर काफी मददगार साबित हो रहे हैं। सेवा में जुटे लोगों का कहना है कि कांवड़ियों की सेवा करना उनके लिए धार्मिक आस्था से जुड़ा कार्य है।
कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों ने इस बार यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं को लेकर संतोष जताया। कांवड़ियों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार सुरक्षा, यातायात और सेवा व्यवस्था बेहतर दिखाई दे रही है। यात्रा के दौरान पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी से उन्हें रास्ते में किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। कई कांवड़ियों ने प्रदेश सरकार के साथ-साथ पुलिस और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की।
कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अमरोहा पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस की टीमें लगातार भीड़ और यातायात व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाने के लिए डायल-112 की गाड़ियां भी यात्रा मार्ग पर लगातार गश्त कर रही हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रमुख यात्रा मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन के जरिए भी की जा रही है। इससे पुलिस और प्रशासन को ऊंचाई से पूरे क्षेत्र पर नजर रखने में मदद मिल रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की तैयारी है।
कांवड़ यात्रा को लेकर अधिकारी भी लगातार ग्राउंड पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और कांवड़ियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों की कोशिश है कि भारी भीड़ के बावजूद कांवड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो और यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़े।
फिलहाल हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की भीड़ लगातार अमरोहा की ओर बढ़ रही है। सड़क किनारे लगे सेवा शिविर, भगवा झंडे, कांवड़ियों की कतार और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा कांवड़ मार्ग भक्तिमय नजर आ रहा है। सावन सोमवार और शिवरात्रि के नजदीक आने के साथ कांवड़ियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है।