Amroha Crime News: यूपी के अमरोहा कोर्ट ने सन 2011 में गजरौला थाना इलाके में फैक्ट्री सुपरवाइजर की हत्या करने और शव को छुपाने के मामले में सुनवाई करते हुए पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
Amroha Crime News Today: अमरोहा कोर्ट ने सन 2011 में गजरौला थाना इलाके में फैक्ट्री सुपरवाइजर की हत्या करने और शव को छुपाने के मामले में सुनवाई करते हुए पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही पांचों दोषियों पर एक लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। हालांकि फैसला आने से पहले सभी जमानत पर बाहर थे। जिन्हें फैसला आते ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
बता दें कि यह घटना सन 2011 में 15 अप्रैल को अमरोहा जिले के गजरौला में हुई थी। जहां थाना इलाके के गांव अटारी मुरीदपुर में राम सिंह के खेत में अमरेंद्र कुमार का शव पड़ा मिला था। गले पर रस्सी के निशान थे। अमरेंद्र कुमार मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले के राजपुर थाना इलाके के गांव रौनी के रहने वाले थे और गजरौला की एक फैक्ट्री में सुपरवाइजर थे। साथ ही वह गजरौला में अपनी पत्नी पूजा और तीन बच्चों के साथ रहते थे। लेकिन 15 अप्रैल 2011 को उनकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद उनके परिवार के लोग पहुंचे थे। जहां मृतक के पिता हीरालाल ने बेटे की बहू पूजा पर हत्या का शक जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस जांच में पूजा निर्दोष पाई गई। जबकि अमरेंद्र हत्याकांड में वाराणसी जिले के लक्सा थाना इलाके के नई सड़क सूरजकुंड निवासी अमित श्रीवास्तव पुत्र राजेंद्र प्रसाद, चंदौली जिले के थाना धानी इलाके के गांव बहोरा चंदेल निवासी हरिशंकर पुत्र शिव पूजन, अमरोहा के रजबपुर थाना इलाके के गांव काफूरपुर निवासी सरजीत जाट पुत्र रामपाल और गजराज जाट पुत्र प्रेम सिंह और गजरौला थाना इलाके के गांव बारसाबाद निवासी दीपक गिरी पुत्र देवेंद्र गिरी का नाम प्रकाश में आया।
इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। जहां हत्या की वजह सामने आई थी कि हत्याकांड से कुछ दिन पहले अमरेंद्र फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड थे। उसी दौरान फैक्ट्री में 50 सीमेंट के कट्टे चोरी हुए थे। जहां अमरेंद्र ने फैक्ट्री में ही नौकरी करने वाले अमित श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा लिखा दिया था। जिसके बाद से अमित श्रीवास्तव उससे रंजिश रखने लगा था। हालांकि अमरेंद्र ने उसकी दुश्मनी की बात अपनी पत्नी पूजा को बताई थी। लेकिन कुछ दिन बाद ही अमरेंद्र की हत्या कर दी गई और उसका शव को खेत में ट्यूबवेल पर डाल दिया।
जबकि हत्या मोगा होटल के पीछे पेड़ पर रस्सी के सहारे लटका कर की गई थी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित द्वितीय ज्योति की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ठ पैरवी कर रहे थे। गुरुवार को मामले में न्यायालय ने सुनवाई की ओर साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। जबकि शुक्रवार को मामले में न्यायालय ने सजा पर सुनवाई करते हुए पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 1 लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।