UP Toll Hike: दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर एक अप्रैल से टोल टैक्स में बढ़ोतरी लागू हो गई है, जिससे वाहन चालकों का सफर महंगा हो गया है। हालांकि टोल बढ़ने के बावजूद जोया टोल प्लाजा और आसपास के हाईवे पर रोशनी, शौचालय और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
UP Toll Hike News: नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत महंगाई के साथ हो रही है। एक अप्रैल से टोल टैक्स में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे स्थित जोया टोल प्लाजा पर टोल दरों में बढ़ोतरी की है, लेकिन यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं अब भी बेहद सीमित हैं।
नई दरों के मुताबिक कार, जीप और वैन चालकों को अब पहले से पांच रुपये अधिक टोल देना होगा। वापसी यात्रा के लिए 110 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। हल्के वाणिज्यिक वाहनों का शुल्क भी 115 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये कर दिया गया है, जिससे रोजाना सफर करने वाले लोगों की लागत बढ़ेगी।
बस और ट्रक चालकों के लिए भी टोल दरों में बढ़ोतरी की गई है। पहले 245 रुपये वसूले जाते थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है। तीन एक्सल कमर्शियल वाहनों का शुल्क 265 रुपये से बढ़ाकर 275 रुपये कर दिया गया है, जबकि भारी वाहनों के लिए भी दरों में इजाफा हुआ है।
टोल बढ़ोतरी का असर मासिक पास धारकों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अब मासिक पास की कीमत बढ़ाकर 2475 रुपये कर दी गई है, जिससे नियमित यात्रियों की जेब पर और ज्यादा दबाव पड़ेगा।
जोया टोल प्लाजा से हर दिन करीब 20 हजार छोटे वाहन गुजरते हैं, जिससे यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही के बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
यात्रियों का कहना है कि हाईवे पर न तो पर्याप्त रोशनी है और न ही साफ-सुथरे शौचालय उपलब्ध हैं। रात के समय कई जगहों पर अंधेरा रहता है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।
हाईवे की हालत को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई है। अधिवक्ता इफ्तेखार सैफी के अनुसार, हाईवे पर जगह-जगह कट बने हुए हैं और कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब है।
टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों की समस्या भी अब तक पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है। वाहन चालकों को टोल चुकाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।
लोगों का कहना है कि बिना सुविधाओं में सुधार किए टोल बढ़ाना जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। इस फैसले से यात्रियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और वे इसे अनुचित मान रहे हैं।
हाईवे चौड़ीकरण के बाद भी कई हिस्सों में लाइटें नहीं लगाई गई हैं। बृजघाट से पाकबड़ा के बीच कई स्थानों पर अंधेरा रहता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
किसानों और स्थानीय संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाया है। भाकियू नेता चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि सरकार टोल बढ़ाने पर तो जोर दे रही है, लेकिन यात्रियों को सुविधा देने में पीछे है।
रात के समय एनएचएआई की टीम की गश्त न होना भी एक गंभीर समस्या है। हादसा होने पर तुरंत मदद नहीं मिलती और कई बार निजी क्रेन की मदद लेनी पड़ती है।
टोल प्रशासन का दावा है कि सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग नजर आती है, जिससे यात्रियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।