अनूपपुर

Anuppur : जिस बेटे को खरोंच भी नहीं लगने देते थे, आज पोस्टमार्टम के निशान देखकर फफक पड़े पिता

Pali Highway Accident Case : तीर्थ यात्रा से लौटने पर मामा के घर पूजा में गए थे, वापसी में सड़क हादसे ने छीन ली तीन जिंदगियां। एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत से मचा कोहराम, इकलौते बेटे को खोकर बेसुध हुए पिता; मां के बुढ़ापे का सहारा भी छिना।
3 min read
Pali Highway Accident Case
हादसे के बाद अस्पताल में परिजन (फोटो सोर्स: Patrika)

Anuppur News : जिस घर में अपनों से मिलने और पूजा में शामिल होने की खुशी थी, वहां अब 3 मौतों के कारण मातम पसरा है। तीर्थ यात्रा से लौटने पर आयोजित पूजा में शामिल होने बिजुरी गए परिवार के 3 लोग हंसी-खुशी अपने घर बकेली लौट रहे थे, लेकिन मध्य प्रदेश के अनूपपुर के ग्राम पाली के पास नेशनल हाईवे-43 पर हुए सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली। हादसे में 21 वर्षीय आर्यन केवट, 22 वर्षीय पंकज केवट और 56 वर्षीय देववती केवट की मौत हो गई। किसी पिता का इकलौता बेटा हमेशा के लिए बिछड़ गया तो किसी मां की वर्षों की मेहनत और बेहतर भविष्य के सपने एक झटके में बिखर गए।

जिला अस्पताल में अपनों के शव देखकर परिजन की चीखें गूंजती रहीं। बेटे और भांजे के शव पर पोस्टमार्टम के निशान देखने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे पिता का दर्द वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर गया।

जिसने भी देखा.. रह गया दंग

हम बात करे रहे हैं, जिले के फुनगा चौकी अंतर्गत नेशनल हाईवे-43 पर ग्राम पाली के पास गुरुवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे की, जिसमें एक महिला समेत 3 लोगों की मौत हो गई। तीनों एक ही मोटरसाइकिल से बिजुरी से अपने घर बकेली लौट रहे थे। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। अज्ञात वाहन की टक्कर की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से परिजन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिला चिकित्सालय में परिजनों का विलाप देखकर हर कोई गमगीन हो गया।

तीर्थ यात्रा से लौटने पर आयोजित पूजा में हुए थे शामिल

परिजन के अनुसार, परिवार के तीनों सदस्य बुधवार को आर्यन के मामा और दादी के मायके पक्ष के रिश्तेदारों के यहां बिजुरी गए थे। वहां तीर्थ यात्रा से लौटने पर पूजा का आयोजन किया गया था, जिसमें शामिल होने के बाद तीनों ने बुधवार की रात बिजुरी में ही बिताई। गुरुवार को वे मोटरसाइकिल से बकेली लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम पाली के पास दर्दनाक दुर्घटना हो गई, जिसमें तीनों की जान चली गई। आर्यन और पंकज आपस में ममेरे भाई थे। आर्यन के पिता और पंकज की मां सगे भाई-बहन हैं।

बचपन में पिता का साया उठा, अब बेटे की भी हादसे में जान गई

हादसे में जान गंवाने वाले पंकज केवट की जिंदगी पहले ही संघर्षों से भरी थी। बचपन में उसके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद मां दयावती केवट ने आशा कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए बेटे का पालन-पोषण किया और उसे पढ़ा-लिखाकर आगे बढ़ाने का सपना संजोया। पंकज पढ़ाई में होनहार था और भोपाल में रहकर माइनिंग की पढ़ाई कर रहा था। उसका एक छोटा भाई भी है, जो अनूपपुर में स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। बेटे को बेहतर भविष्य देने के लिए मां ने पूरी जिंदगी मेहनत की, लेकिन सड़क हादसे ने उनके सपनों को एक झटके में उजाड़ दिया।

पिता के लिए असहनीय दर्द दे गया बेटा

वहीं, आर्यन केवट अपने परिवार का इकलौता बेटा था। वो दो भाई-बहनों में बड़ा था। उसकी मौत के बाद परिवार में अब सिर्फ उसकी छोटी बहन रह गई है। बेटे को खोने का दर्द पिता के लिए असहनीय हो गया है।

पोस्टमार्टम के निशान देखने की हिम्मत नहीं जुटा पाए पिता

हादसे के बाद घटनास्थल और जिला चिकित्सालय पहुंचे आर्यन के पिता रामस्वरूप केवट बदहवास नजर आए। बेटे और भांजे की मौत से टूट चुके पिता बार-बार कह रहे थे कि वे उनका पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। उनका कहना था कि जिस बेटे और भांजे को जीते-जी हल्की सी खरोंच लगना भी बर्दाश्त नहीं कर सकते थे, उनकी मौत के बाद शरीर पर पोस्टमार्टम के निशान कैसे देख पाएंगे। पुलिस ने काफी समझाइश दी, जिसके बाद वे पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।

मां का भी रो-रोकर बुरा हाल

उधर, पंकज की मां दयावती केवट का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वह अपने मृत बेटे को गले लगाकर विलाप करती रहीं। बेटे की परवरिश में पूरी जिंदगी खपा देने वाली मां बार-बार यही कह रही थीं कि जिस बेटे के लिए उन्होंने जीवनभर मेहनत की, जब वही अब दुनिया में नहीं रहा तो जीने का क्या मतलब। जिला चिकित्सालय में परिजनों का यह दर्दनाक विलाप हर किसी को झकझोर गया।

Updated on:
15 Oct 2026 04:57 pm
Published on:
15 Oct 2026 04:57 pm