MP News: मध्यप्रदेश विधानसभा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सरकार ने स्वीकार किया कि ये ट्रस्ट 10 हजार बीघा जमीन का मालिक होने के बावजूद सरकारी और वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण किए बैठा है।
MP News: विधानसभा में अशोकनगर जिले के जमीनी विवादों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सदन में सबसे बड़ा खुलासा जिले के प्रतिष्ठित श्री आनंदपुर ट्रस्ट (Shri Anandpur Trust) को लेकर हुआ। कांग्रेस विधायक हरिबाबू राय के सवाल के लिखित जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने माना कि ट्रस्ट के पास हजारों हेक्टेयर निजी जमीन है, लेकिन इसके साथ ही उसने सरकारी और वन विभाग की कीमती जमीन पर भी अतिक्रमण (Land Enorachment) कर रखा है। इस स्वीकारोक्ति के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और मामले की जांच व कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, ईसागढ़ और अशोकनगर तहसील में श्री आनंदपुर ट्रस्ट (भूमि स्वामी) के पास 13 गांवों सहित 14 स्थानों पर कुल 2105.955 हेक्टेयर (करीब 10 हजार बीघा से अधिक) भूमि का स्वामित्व है। ईसागढ़ तहसील के 11 गांवों में ट्रस्ट की 1948.181 हेक्टेयर भूमि है, जबकि अशोकनगर तहसील के तीन गांवों में 157.774 हेक्टेयर भूमि ट्रस्ट के नाम दर्ज है। इतनी संपदा होने के बाद भी ट्रस्ट पर सरकारी संपत्तियों पर कब्जे है।
राजस्व मंत्री ने सदन में लिखित जानकारी दी कि तहसील अशोकनगर के ग्राम बांसाखेड़ी की शासकीय भूमि, सर्वे क्रमांक 267. रकबा 0.618 हेक्टेयर पर आनंदपुर ट्रस्ट द्वारा अतिक्रमण किया गया है। इसी प्रकार वन विभाग की बीट आनंदपुर, वनखंड ईसागढ़ के कक्ष क्रमांक आरएफ 25 की 3.52 हेक्टेयर भूमि पर भी ट्रस्ट का अतिक्रमण पाया गया है।
विधानसभा में विधायक ने यह भी प्रश्न किया था कि ट्रस्ट के संचालन काल से अब तक कितने अनुसूचित जनजाति एवं अन्य समुदायों के लोगों की भूमि ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई है। उनके नाम, सर्वे नंबर और रकबा सहित जानकारी मांगी गई थी। इस संबंध में 11 फरवरी 2026 की जिला पंजीयक कार्यालय की रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की गई, किंतु इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हो सकी है। (MP News)