
Ashoknagar News :मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में अवैध शराब का जाल किस कदर गहराई तक फैल चुका है, इसका अंदाजा शराब माफिया द्वारा लगाई नई तरकीबों से लगाया जा सकता है। माफिया अब शराब को छिपाने जमीन का सीना चीर कर उसे दफन कर रहे हैं। जिस जगह पर महज तीन दिन पहले आबकारी विभाग और राजस्व अमला 20 घरों की सघन तलाशी लेकर मात्र 10 लीटर शराब पकड़ सका था। उसी जगह चंदेरी पुलिस ने सटीक मुखबिर तंत्र के दम पर कार्रवाई की है।
पुलिस ने जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाई गई 60 लीटर हाथ भट्टी की शराब और 200 लीटर लाहन बरामद कर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। वहीं, शराब के इस नासूर से आजिज आकर अब महिलाओं ने भी मोर्चा खोल दिया है। भांडरी गांव में महिलाओं ने शराब बिक्री के विरोध में सड़क पर पत्थर रखकर रास्ता रोक दिया।
चंदेरी थाना प्रभारी प्रशांत यादव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि, फतेहाबाद में एक महिला अपने घर के पीछे भारी मात्रा में कच्ची शराब छिपाकर बैठी है और उसे कहीं सप्लाई करने की फिराक में है। एसपी राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर चंदेरी पुलिस ने मौके पर दबिश दी। जब पुलिस ने आरोपी महिला ममता बाई पति जयराम अहिरवार के घर के पीछे की जमीन की बारीकी से पड़ताल की तो वहां ताजी मिट्टी खुदी हुई मिली। पुलिस ने जब वहां खुदाई की तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था।
बड़ी-बड़ी प्लास्टिक की केनों में 60 लीटर शराब और शराब बनाने के लिए तैयार किया गया 200 लीटर गुड़-महुआ का लहान जमीन में दफन कर ऊपर से मिट्टी ढंक दी गई थी। पुलिस ने लाहन को मौके पर ही नष्ट किया और शराब जब्त कर महिला को गिरफ्तार कर लिया।
यह पूरी कार्रवाई आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोलती नजर आ रही है। मंगलवार को ही आबकारी विभाग की टीम ने नायब तहसीलदार के साथ इसी इलाके में भारी दलबल के साथ पहुंचकर करीब 20 घरों की सर्चिंग की थी। इतनी बड़ी कवायद के बाद आबकारी टीम सिर्फ 10 लीटर शराब ही खोज पाई थी। सवाल ये उठता है कि, जो शराब तीन दिन बाद पुलिस को जमीन के अंदर से भारी मात्रा में मिल गई, वो आबकारी विभाग की रडार से कैसे बच गई? क्या विभाग की सर्चिंग महज एक औपचारिकता थी या फिर माफिया को पहले ही भनक लग चुकी थी?
जिले में एक तरफ पुलिस शराब माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है तो दूसरी तरफ ग्रामीण अंचलों में शराब को लेकर बगावत बढ़ने लगी गई है। भांडरी गांव में अवैध शराब की बिक्री से परेशान महिलाओं का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। महिलाओं ने गांव में बिक रही शराब का विरोध करते हुए सड़क पर पत्थर रख दिए और रास्ता जाम कर दिया। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि, गांव में शराब की बिक्री ने परिवारों का सुकून छीन लिया है और अब वे इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगी। महिलाओं के इस प्रदर्शन से चंदेरी-ईसागढ़ मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुक गई। सूचना मिलने पर पहुंचे प्रशासन ने महिलाओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब चक्काजाम खत्म हुआ।
मामले को लेकर अशोकनगर एसपी राजीव कुमार मिश्रा का कहना है कि, अशोकनगर पुलिस अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय के स्रोतों व नेटवर्क पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। इन अवैध कारोबारियों को पूरी तरह से जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है और ऐसी कड़ी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी।