
Ashoknagar News : मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के ग्रामीण अंचलों में बिजली के खंभों से लाखों रुपए के तार चुराने वाले शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। थाना सेहराई पुलिस ने घेराबंदी कर इस गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें उत्तर प्रदेश के ललितपुर और मध्य प्रदेश के अशोकनगर शहर के आरोपी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए बड़ी मात्रा में विद्युत तार, वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन और औजार सहित कुल 21.50 लाख रुपए का माल बरामद किया है। इससे जिले में लगातार हो रही बिजली तार चोरी की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हुआ है।
बिजली कंपनी के कनिष्ठ यंत्री महेश्वर धुर्वे ने सेहराई में थाने में बिजली लाइन का करीब 3 किमी तार चोरी होने की शिकायत की थी। इससे एफआइआर दर्ज कर जांच शुरु की और सूचना मिली तो पुलिस टीम ने खिरिया पठारी रोड पर घेराबंदी कर कुछ संदिग्धों को दबोचा। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने खंभों से तार काटकर बोलेरो पिकअप में भरकर ले जाने का जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में इन शातिरों ने बताया कि वे केवल सेहराई तक सीमित नहीं थे। इस गिरोह ने चंदेरी के कुंवरपुर और विक्रमपुर, पिपरई, बहादुरपुर, कचनार और नईसराय थाना क्षेत्रों में भी तार चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस अब इन मामलों में भी इनसे गहन पूछताछ कर रही है। वहीं, इस गिरोह का एक अन्य साथी शिवराम सेन निवासी सिरसी ललितपुर फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
एसपी राजीवकुमार मिश्रा ने मामले का खुलासा किया और बताया कि इस अंतरराज्यीय तार चोर गिरोह के सदस्यों में उप्र के ललितपुर जिले के जखौरा थाना क्षेत्र निवासी ओमकार लोधी (27), पुष्पेन्द्र लोधी (22), तेज सिंह उर्फ दीपेश (20), उजागर उर्फ झल्लू (31), कुश लोधी (22), अशोकनगर शहर के शंकर कॉलोनी निवासी नीतेश जोशी (21), गोकुलधाम कॉलोनी निवासी अरुण जैन (30), त्रिलोकपुरी कॉलोनी निवासी राजेन्द्र साहू (38) व टीवीएस शोरूम के पास रहने वाल ऋषभ जैन को गिरफ्तार किया हे। जिनके पास बड़ी मात्रा में बिजली तार, तार काटने के विशेष उपकरण, एक बोलेरो कार, एक पिकअप वाहन और एक बाइक बरामद की है।
इस बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को दबोचने में सेहराई पुलिस और साइबर सेल की टीम का अहम योगदान रहा। टीम में थाना प्रभारी धर्मेश दांगी, एएसआइ अनिल कुमार, देवेन्द्र चौहान, लल्लूराम दांगी, प्रधान आरक्षक भानू प्रकाश, अनिल पलिया, आरक्षक दीपक यादव, रोहित, प्रीतम, ज्ञान सिंह, ब्रजेश महोबिया, राहुल कुमार और मनोज रघुवंशी शामिल रहे। वहीं तकनीकी साक्ष्य जुटाने में साइबर सेल के एसआइ संजय गुप्ता, मशीह खान और एएसआइ अभिजीत सिंह की भूमिका भी सराहनीय रही।