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पन्ना में मौत के कुएं से निकली नीलगाय, दो घंटे मशक्कत के बाद वन अमले ने दिया नया जीवन

Nilgai Rescue : गहरे कुएं में गिरी नीलगाय को दो घंटे की मशक्कत के बाद नया जीवन मिल गया है। वन अमले ने ग्रामीणों की सहायता से नीलगाय का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।
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Nilgai Rescue

रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते वन कर्मी (फोटो सोर्स: Patrika)

Panna News :मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के उत्तर सामान्य वन मंडल के वन परिक्षेत्र धरमपुर में वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के दौरान वन अमले ने गहरे कुएं में गिरी नीलगाय का सफल रेस्क्यू कर उसे नया जीवन दान दिया है। 1 से 7 अक्टूबर तक चल रहे वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत वन विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम कर रही हैं। इसी दौरान ग्राम मेहदी के पुरवा से सूचना मिली कि, एक किसान के खेत में बने गहरे कुएं में नीलगाय गिर गई है।

सूचना मिलते ही रेंजर मनोज सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम के अनुसार, कुएं में गिरी नीलगाय भयभीत होकर बाहर निकलने के लिए बिरी तरह छटपटा रही थी। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई। वन अमले ने ग्रामीणों के सहयोग और रस्सियों की मदद से योजनाबद्ध तरीके से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे तक चले अभियान के बाद नीलगाय को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया।

प्राथमिक परीक्षण के बाद नीलगाय को प्राकृतिक रहवास में छोड़ा

वहीं, नीलगाय का सफल रेस्क्यू किए जाने के बाद उसका प्राथमिक परीक्षण किया गया, जिसमें उसके शरीर पर किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं मिली, ऐसे में वन अमले ने उसे प्राकृतिक रहवास में विचरण के लिए छोड़ दिया है।

इस टीम ने किया सफल रेस्क्यू

रेस्क्यू अभियान में रेंजर मनोज सिंह के साथ महीप कुमार रावत, रामखगेश पटेल, महेंद्र साहू, हेमराज, आनंद पटेल, शिव प्रसाद गुप्ता, अंकुर खरे और शिव वरण प्रजापति सहित धरमपुर रेंज का मैदानी स्टाफ एवं स्थानीय ग्रामीण शामिल रहे।

किसानों ने सुनाई समस्या, रेंजर ने बताया निराकरण

रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने वन अमले के अदिकारियों को नीलगाय के साथ - साथ जंगली सूअरों से फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या बताई। इसपर रेंजर ने समझाइश दी कि, वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाना, फंदा लगाना अथवा करंट लगाना गंभीर अपराध है। फसल नुकसान होने पर किसान राजस्व विभाग के माध्यम से नियमानुसार मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।