
Ashoknagar News :मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में एक चौंकाने वाला और बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक गरीब आदिवासी के दस्तावेजों का उपयोग कर उसकी जानकारी के बिना बैंक में खाता खोला गया और उस खाते में एक साल में पांच करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ। ये करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन सट्टे का माना जा रहा है और पुलिस ने आरोपी जाकिर उर्फ जक्का खान को गिरफ्तार किया है। इस बड़े फर्जीवाड़े में एक्सिस बैंक का एक आउटसोर्स कर्मचारी भी शामिल है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि, पूरा मामला बोहरे कॉलोनी में रहने वाले 45 वर्षीय फरियादी भूरा आदिवासी पिता लाल सिंह आदिवासी से जुड़ा है। करीब दो साल पहले आरोपी जाकिर खान उर्फ जक्का और राशिद खान उर्फ चिल्ली ने भूरा को लोन दिलाने का झांसा दिया था। लोन की केवाइसी प्रक्रिया पूरी करने के बहाने उन्होंने उसके पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज ले लिए थे, साथ ही उसका फोटो भी क्लिक कर लिया था। भूरा आदिवासी की जानकारी और सहमति के बिना इन दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक्सिस बैंक में एक फर्जी खाता खोल लिया गया।
इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा कुछ दिनों पूर्व तब हुआ, जब एक्सिस बैंक के कर्मचारियों ने भूरा आदिवासी से संपर्क कर बताया कि अत्यधिक लेनदेन के कारण उसका खाता होल्ड कर दिया गया है और उसे केवाइसी करवानी होगी। जब भूरा आदिवासी ने कहा कि एक्सिस बैंक में तो उसका कोई खाता ही नहीं है लेकिन जब बैंक जाकर पता किया, तो वह दंग रह गया क्योंकि उसने ऐसा कोई खाता खुलवाया ही नहीं था। जब भूरा ने इस संबंध में जाकिर उर्फ जक्का से पूछा तो उसने भूरा को कथित तौर पर जातिसूचक व अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दे डाली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई की गई। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जक्का इलाके का कुख्यात सटोरिया है, जिसके पुराने नेटवर्क को पुलिस ने पहले भी ध्वस्त किया था। एसपी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि सामने आए इस एक फर्जी खाते से ही साल भर में 1 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन (ट्रांजेक्शन) हुआ है। इसके अलावा, इसी से जुड़े अन्य खातों को मिला लिया जाए, तो यह लेनदेन 4 से 5 करोड़ रुपए का हो सकता है।
कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। इसके अलावा एसपी ने बताया कि फर्जी दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी (420, 467, 468, 471) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। मामले का दूसरा नामजद आरोपी राशिद खान उर्फ चिल्ली, जो एक्सिस बैंक में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में काम करता है, अभी फरार है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस सट्टा नेटवर्क में बैंक के अन्य कौन-कौन से कर्मचारी संलिप्त हो सकते हैं। पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने पहचान संबंधी दस्तावेज किसी भी अज्ञात व्यक्ति को बिना सत्यापन के न दें। फिलहाल पुलिस रिमांड पर आरोपी से सट्टे के इस करोड़ों के नेटवर्क और अन्य फर्जी खातों के बारे में सख्ती से पूछताछ की जा रही है।