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Bhopal Crime : 10 दिन में 3 केयर टेकर बदल चुके थे रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल

Bhopal Retired IAS Officer Murder Case : 10 दिन में 3 केयर टेकर बदल चुके थे रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल, इकलौता बेटा भी अमेरिका में रहता है।
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Bhopal Retired IAS Officer Murder Case

रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल (फोटो सोर्स: Rajesh Agarwal Facebook)

Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरजनगर से एक दिल दहला देने वाली घटना ने शहर में हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां रहने वाले 1982 बैच के रिटायर्ड आईएएस 70 वर्षीय राकेश अग्रवाल की उन्ही के घर में धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या हो गई। घटना के बाद पुलिस लगातार पड़ताल में जुटी हुई है। पुलिस का पहला शक तो उनके केयर टेकर कम मेल नर्स पर जा रहा है, क्योंकि वारदात के बाद से उनका केयर टेकर भी रहस्यमयी ढंग से अपने सामान के साथ लापता है। पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि, जो केयरटेकर लापता है, उसे राकेश अग्रवाल ने तीन दिन पहले काम पर रखा था।

घर से रहस्यमयी ढंग से सामान समेत लापता केयरटेकर कम नर्स का नाम वरुण कुमार बताया जा रहा है। एक अहम जानकारी ये भी सामने आई है कि, रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल ने बीते दस दिनों के भीतर ही एक के बाद एक अलग अलग एजेंसियों के तीन केयर टेकर बदल दिए थे। इसके पीछे क्या कारण था, पुलिस इसकी जांच में जुटी है। संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर उन केयरटेकरों की तलाश भी की जा रही है, जो राकेश अग्रवाल द्वारा हटाए गए थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर हटाए जाने के कारणों का पता लगाएगी।

20 दिन पहले हुई थी अस्पताल से छुट्टी

मामले को लेकर एसीपी अंकिता खटारकर का कहना है कि, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल को स्लिप डिस्क से जुड़ी समस्या थी, जिसके चलते करीब 20 दिन पहले अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिली थी। फरार केयरटेकर वरुण कुमार को तीन दिन पहले ही पंजाब की एक एजेंसी के ज़रिए 24 घंटे के केयरटेकर-कम-मेल नर्स के तौर पर राकेश अग्रवाल की देखरेख के लिए रखा गया था। कुमार फिलहाल फरार है।

लूट के एंगल से की जा रही जांच

ACP खटारकर के मुताबिक, घर में कुछ अलमारियां खुली मिलीं, जिससे अनुमान लगा है कि, हत्या के पीछे लूटपाट का मकसद हो सकता है। पुलिस घटनाक्रम का पता लगाने के लिए घटनास्थल और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है। रसोई में LPG सिलेंडर के नोजल भी खुला मिला है। पुलिस को संदेह है कि, सिलेंडर जानबूझकर लीक होने के लिए छोड़े गए थे, शायद घर में आग लगाने की कोशिश में ऐसा किया गया हो।

रात 2 से 3 बजे के बीच हुई हत्या

अग्रवाल का बेटा अभी अमेरिका में है। घर में CCTV कैमरे नहीं लगे थे, इसलिए पुलिस टीमें संदिग्ध आरोपी के निकलने का रास्ता और उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए आस-पास के इलाकों में लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। जांच करने वाले अधिकारी कुमार का पता लगाने और अग्रवाल की मौत से जुड़े साक्ष्यों का पता लगाने में जुटे हैं। पुलिस की अबतक की पड़ताल में ये भी सामने आया है कि, अग्रवाल की हत्या रात 2 से 3 बजे के बीच हुई है।

सुबह 5:30 बजे हुआ खुलासा

वारदात का खुलासा बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे उस समय हुआ, जब अग्रवाल की पत्नी मॉर्निंग वॉक पर जाने के लिए उठीं। उन्होंने देखा कि मकान का मुख्य दरवाजा बाहर से लगा था। अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने अपने घर के नौकर राजन थापा को फोन कर दरवाजा खुलवाया। इसके बाद जब वे पति के कमरे में गईं, तो फर्श पर राकेश अग्रवाल का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। उनके गले पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे।