
रसिक दुलारी शरण- image patrika
Premanand Shishya Case : उत्तराखंड के जोशीमठ, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण केस में मथुरा पुलिस और प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने साफ कहा कि केवल गिरने की बात सही नहीं, मामले की कुछ और वजह हो सकती है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मामले की गहन जांच की मांग की। साधक रसिक दुलारी शरण के परिजन पहले से ही मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। देशभर के कई अन्य साधु संतों ने भी वारदात पर दुख व्यक्त करते हुए जांच कराने को कहा है। अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बयान से दबाव बढ़ गया है। अभी मथुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण का मामला इन दिनों काफी सुर्खियों में है। शुक्रवार सुबह उनकी संदिग्ध मौत हो गई थी। रसिक दुलारी शरण वृंदावन के बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में रहते थे जहां की चौथी मंजिल से वे गिर गए थे। उनकी मौत के बाद से ही धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। रसिक दुलारी शरण मामले की जांच की मांग की जा रही हैं। इसपर अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने भी जांच की मांग की है जिससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है।
प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण अत्याधिक रक्तस्राव को बताया गया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया जिसमें वे चौथी मंजिल से गिरते दिख रहे हैं।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती नरसिंहपुर के झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम पहुंचे। उन्होंने गोटेगांव में नगर भ्रमण भी किया। यहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने कुछ शिष्यों के निवास पर भी आशीर्वाद देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा की।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह मामला अत्यंत संदेहास्पद है। सच्चाई सामने लाने के लिए जांच जरूरी है।
रसिक दुलारी शरण केस में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ऐसा मानना सही नहीं होगा कि वह गिर गए थे या किसी और ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया। शंकराचार्य ने साफ कहा कि इस वारदात की कोई और वजह हो सकती है। जांच के बाद तथ्य सामने आ जाएंगे। बता दें कि मृतक संत रसिक दुलारी शरण जबलपुर के मूल निवासी थे। घटना के बाद यहां गहरा शोक और आक्रोश पसरा है।
Updated on:
30 Sept 2026 10:53 am
Published on:
30 Sept 2026 10:34 am
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