अशोकनगर

अशोकनगर के 271 मंदिरों में पुजारी नहीं, 2164 एकड़ भगवान की जमीन नीलाम करेगा प्रशासन

Temple Land Ashoknagar : सरकारी मंदिर के नाम पर जिले में भगवान के पास हैं 3161 एकड़ कृषि भूमि। अब इस जमीन को खेती के लिए नीलाम करेगा प्रशासन।
2 min read
Temple Land Ashoknagar
Temple Land Ashoknagar (अशोकनगर में मंदिरों की जमीन नीलाम करेगा प्रशासन Photo Source- Patrika)

Ashoknagar News :मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में शासन संधारित मंदिरों को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। आय बढ़ाने जहां 10 एकड़ से अधिक कृषि भूमि वाले 98 मंदिरों की 2164 एकड़ जमीन को नीलाम करने की तैयारी कर ली गई है। लेकिन, जिले के 271 मंदिरों में भगवान की सेवा करने वाला कोई पुजारी ही नहीं है। इससे वहां भी पुजारियों की नियुक्ति की तैयारी है।

बता दें कि, जिले में कुल 443 शासकीय मंदिर हैं, जिनके नाम पर 3161.422 एकड़ कृषि भूमि है। जिनमें 10 एकड़ से ज्यादा कृषिभूमि वाले 98 ऐसे मंदिर हैं, जिनके पास 2164.949 एकड़ कृषि भूमि है। इससे धर्मस्व विभाग साल 2026-27 के लिए खरीफ व रबी सीजन की कृषि के लिए इस भूमि की कृषि के लिए नीलामी करेगा। ताकि इससे आय बढ़ाई जा सके। जिसमें सबसे ज्यादा जमीन ईसागढ़ तहसील के 29 मंदिरों की 615.281 एकड़ नीलाम होगी। लेकिन, इस पर संत समाज नाराजगी जता रहा है, जिनका कहना है कि, मंदिर की जमीन मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए है, इससे सरकारी खजाना भरना गलत है।

172 मंदिरों में ही पुजारी पदस्थ

शासन संधारित इन मंदिरों की संपटिा के साथ सरकारी आंकड़ों से मंदिरों के प्रबंधन की एक और बड़ी खामी उजागर हुई है। जिले के 443 मंदिरों में से मात्र 172 मंदिरों में ही पुजारी पदस्थ हैं। शेष 271 मंदिरों में भगवान की आरती और भोग के लिए पुजारियों के पद ही रि…त पड़े हैं। सबसे खराब स्थिति बहादुरपुर और पिपरई की है। बहादुरपुर के 44 मंदिरों में से केवल 2 में पुजारी और 42 रि…त, जबकि पिपरई के 17 मंदिरों में महज एक में पुजारी और 16 रि…त बताए गए हैं। मुंगावली और शाढ़ौरा की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। हालांकि, अब प्रशासन ने इन रि…त पड़े 271 पदों पर पुजारियों की नियु…ित की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

घोटाला भी: पुजारी ने बेची जमीन

55 एकड़ पर अतिक्रमण आय बढ़ाने की कवायद के बीच अतिक्रमण का एक खौफनाक सच भी सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है। शहर के मध्य स्थित श्री गोपाल मंदिर और धनुषधारी मंदिर के नाम पर कुल 340.372 एकड़ जमीन है। लेकिन इसमें से 55.59 एकड़ पर अतिक्रमण है। धनुषधारी मंदिर के पुजारी कमलदास ने ही फर्जी नोटरी से शासकीय भूमि बेच दी थी और इस जमीन पर करीब एक हजार प…के मकान बन चुके है। इस बड़े फर्जीवाड़े को लेकर पुजारी के खिलाफ पुलिस थाने में दो बार एफआइआर दर्ज हो चुकी है। हालांकि इस अतिक्रमण को हटाना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

संयुक्त कलेक्टर सोनम जैन का कहना है कि, 10 एकड़ से ज्यादा जमीन वाले मंदिरों की जमीन कृषि के लिए एक साल के लिए नीलाम की जाएगी। वहीं, जिन मंदिरों पर पुजारी नहीं हैं, वहां पर एसडीएम पुजारी नियुक्त कर रहे हैं।

Published on:
24 Jun 2026 09:58 am