अशोकनगर

Success Story: कभी पत्थर तोड़कर चलाते थे घर, 10 साल की उम्र में खदानों में की मजदूरी, आज बन गए सरपंच

Success Story: चंदेरी के बलवीर सिंह यादव ने खदान मजदूरी से शुरू कर सरपंच तक का सफर तय किया। मेहनत और हिम्मत से जंगल में सड़कें बनवाईं, अब युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
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Updated: 25 Oct 2026, 11:51 AM IST
बलवीर सिंह यादव (Photo Source - Patrika)
बलवीर सिंह यादव (Photo Source - Patrika)

Success Story: सफलता की कहानियां अक्सर उन लोगों की होती हैं जो हार नहीं मानते, जो परिस्थितियों को दोष देने के बजाय उनसे लड़ते हैं। ऐसी ही कहानी है चंदेरी विकासखंड की ग्राम पंचायत खागल दुधराई के 44 वर्षीय सरपंच बलवीर सिंह यादव की। उन्होंने पत्थर खदानों में मजदूरी से लेकर सरपंच बनने तक का जो सफर तय किया है, वह हर युवा के लिए मिसाल है। बलवीर सिंह का बचपन आसान नहीं था। महज 10 साल की उम्र से ही उन्होंने पत्थर की खदानों में मजदूरी करना शुरू कर दिया था और ट्रकों पर भी काम किया। 12 किमी दूर स्कूल था तो पैदल ही पढऩे भी जाते थे। 12वीं तक की पढ़ाई करने के बाद, उन्होंने अपनी आजीविका चलाने के लिए मुंगावली में वर्ष 2002 से 2008 तक ट्रैक्टर सेल्समैन के रूप में काम किया, ट्रैक्टर बिकने पर मिलने वाले कमीशन पर गुजारा किया और अपनी मेहनत से कभी मुंह नहीं मोड़ा। जो आज सफल इंसान हैं।

टर्निंग पॉइंट: जब ठेकेदार ने छोड़ा काम, तो बलवीर ने उठाया बीड़ा

बलवीर की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट तब आया जब मुख्यमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत जंगल क्षेत्र में सडक़ें बननी थी। ठेकेदार डर की वजह से काम करने को तैयार नहीं था और वह इन सडक़ों के बनाने का काम छोडऩे की तैयारी में था। ऐसे में बलवीर यादव उस ठेकेदार के संपर्क में आए और उस काम को पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर लेकर खुद जंगल क्षेत्र में 25 किमी सडक़ें बनवाईं। इस काम से उन्हें न केवल आर्थिक लाभ हुआ, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा।

राजनीति में प्रवेश, पहले जनपद सदस्य अब सरपंच

सडक़ निर्माण के बाद बलवीर ने राजनीति में कदम रखा। 2008 में उन्होंने जनपद पंचायत चंदेरी के सदस्य के चुनाव में नामांकन जमा कर दिया। चुनाव लड़ा और मात्र एक वोट से जीत हासिल कर जनपद सदस्य बन गए। तो भाजपा विधायक ने विधायक प्रतिनिधि बना दिया। इसके बाद मुंगावली में नगर परिषद का प्रवेश शुल्क वसूली का ठेका लेकर भी काम किया। सरपंच का चुनाव लड़े और अपनी ग्राम पंचायत खागल दुधराई से जीत दर्ज की। वर्तमान में वे चंदेरी सरपंच संघ के अध्यक्ष भी हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा

बलवीर सिंह यादव की कहानी सिखाती है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने चुनौतियों को अवसर में बदला और अपनी लगन से सफलता की नई इबारत लिखी। यह कहानी युवाओं को यह संदेश देती है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।

Updated on:
25 Oct 2026, 11:51 AM IST
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