अफगानिसतान के पूर्वी इलाके में आईएस बड़े स्तर पर सक्रिय है और यह देश के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट (आईएस) का सरगना एक हमले में मार गिराया गया है। रविवार को इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई। खबरों के अनुसार- अफगान और युएस सुरक्षाबलों ने संयुत ऑपरेशन के दौरान नंगारहर प्रांत में आईएस के गुप्त ठिकानों पर हमला किया। इसी दौरान अफगानिस्तान में आईएस सरगना अबू साद अरहाबी मारा गया। काबुल में स्थित नेशनल डायरेक्टोरेट ऑफ सिक्योरिटी ने भी अपने बयान में इस बात की पुष्टि की है। बयान के अनुसार- इस संयुक्त ऑपरेशन के दौरान आईएस के दो ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसमें भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद नष्ट किया गया।
जेहादी ग्रुप अमक की न्यूज एजेंसी ने इस घटना पर कोई बयान जारी नहीं किया है। न ही इस बारे में नाटो समर्थित संगठन की ओर से ही कोई प्रतिक्रिया सामने आई है। यह संगठन अफगानी सुरक्षाबलों को प्रशिक्षित करता है। नंगारहर की प्रांतीय सरकार का कहना है कि जुलाई 2017 के बाद मारे गए आईएस सरगनाओं में इरहाबी चौथा है। इस संगठन की नंगारहर तथा अफगानिस्तान के पूर्वी इलाके में गहरी पकड़ है। यहां साथ ही पाकिस्तान का बॉर्डर है। इसलिए यह संगठन देश के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स में स्थानीय लोगों के हवाले से कहा गया है कि यह संगठन पहले आईएस-कोहरासन (आईएसआईएस-के) के नाम से भी जाना जाता था और यह क्षेत्र में 2015 से सक्रिय है। तभी से अफगान और यूएस की सेना संयुक्त रूप में इसे खदेरड़ने में लगी हुई हैं। नंगारहर के पूर्वी इलाके में ही आईएसआईएस-के के सरगना अबू सईद भी मारा गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अफगानिस्तान में आईएस लड़ाकू कितनी संख्या में हैं, यह कहना मुश्किल है। यूएस मिलिट्री के एक अनुमान के अनुसार- इनकी संख्या दो हजार से ज्यादा हो सकती है। इनमें से 150 से ज्यादा इसी महीने सेना के आगे आत्मसमर्पण कर चुके हैं।