तालिबान ने अफगानिस्तान के पख्तिया प्रांत में स्थित थाला साहिब गुरुद्वारे से निशान साहिब को हटा दिया था। लेकिन अब भारत के एतराज के बाद फिर से वापस लगा दिया है।
काबुल। अफगानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की वापसी के साथ ही अब सरकार और तालिबान के बीच संघर्ष बढ़ गया है। तालिबान एक के बाद एक राज्यों पर अपना कब्जा करता जा रहा है। साथ ही शरिया कानून को लागू करवाने की कवायद भी शुरू कर दी है। ऐसे में बीते दिन शुक्रवार को अफगानिस्तान के पख्तिया प्रांत में स्थित थाला साहिब गुरुद्वारे से निशान साहिब को हटा दिया था। इस पर भारत ने सख्त आपत्ति जताई।
भारत के दबाव के आगे तालिबान ने अपनी गलती को सुधार करते हुए शनिवार को वापस निशान साहिब को गुरुद्वारे में लगा दिया है। माना जा रहा है कि भारत के एतराज के बाद तालिबान पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बना, जिससे निशान साहिब को वापस लगाने के लिए मजबूर हुआ।
बताया जा रहा है कि भारत के एतराज के बाद जब अंतर्राष्ट्रीय दबाव बना तो तालिबान के अफसर और लड़ाके वहां पर गए और निशान साहिब को वापस रख दिया। भारतीय विश्व फोरम के चेयरमैन पुनीत सिंह चंडोक ने जानकारी देते हुए बताया कि निशान साहिब को वापस रख दिया गया है।
पुनीत सिंह चंडोक ने बताया कि गुरुद्वारे की छत पर निशान साहिब को पूरे सम्मान के साथ वापस रख दिया गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम को तालिबान के कुछ अफसर और लड़ाके गुरुद्वारे पहुंचे और तुरंत निशान साहिब को वापस रखने का आदेश दिया। चंडोक ने भारत सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सराहना की है।