
दमिश्क। कई सालों से गृहयुद्ध का दंश झेल रहे सीरिया के दमिश्क को इस्लामिक स्टेट के आतंकियों से पूरी तरह से मुक्त करवाने की खबर के बाद अब खबर आ रही है कि सीरिया सेना के जवान और ईरान समर्थित जवानों को मार दिया गया है। पाल्मायरा शहर में कम से कम 30 जवानों के मारे जाने की खबर है। खबरों के अनुसार मंगलवार को इस्लामिक स्टेट ने पूर्वी सीरिया में स्थित सेना के बाहरी पोस्ट पर हमला किया गया। साथ ही ये भी खबर है कि एक बांध के निकट दक्षिणी-पूर्व इलाके के प्राचीन रोमन शहर में हुए इस हमले में आतंकियों ने बम विस्फाेट के लिए फिदायीन और हथियारों से लैस गाड़ियाें का इस्तेमाल किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हमलावर आतंकवादी छुपकर आए और कम से कम 30 सैनिकों को मार दिया। बता दे कि ये हमला उस ऐलान के एक दिन बाद हुआ है जिसमें दावा किया गया था कि दमिश्क को आतंकी संगठन आईएस से मुक्त करवा लिया गया है। आईएस आतंकवादियों ने सीरिया में जारी गृह युद्ध के दौरान पाल्मायरा पर दो बार कब्जा किया और बेशकीमती कला के नमूनों को बर्बाद कर दिया।हाल के महीनों में आतंकी ऐसी जहग आकर हमला कर वापस लौट रहे हैं जहां पर सेना के जवान को सुरक्षित रखना मुश्किल होता है।
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दमिश्क से IS के सफाए का दावा
सीरियाई सेना ने दमिश्क को इस्लामिक स्टेट के आतंकियों से पूरी तरह से मुक्त करवाने का दावा किया है। ये बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। दमिश्क को आईएस के चंगुल से मुक्त करवाने में सेना को सात साल लग गए। आतंकियों के कब्जे से छूटने के बाद दमिश्क की जो बदहाल सूरत सामने आई है। इमारतें अब खंडहर बन चुकी हैं। सेना के अनुसार, उसने इस पूरे इलाके पर कब्जा कर लिया है और अब यह स्थान पूरी तरह से सुरक्षित है। मीडिया में जारी किए एक बयान के मुताबिक, सीरियाई सेना ने राजधानी दमिश्क और उसके आस-पास के स्थान को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में बताया है। बयान में कहा गया कि सेना ने एक महीने के अभियान के बाद फलस्तीनी यर्मोक शिविर और हजर अल-असवाद में आइएस को खत्म कर दिया।