Kabul Airport पर कार बम के जरिए फिर हो हमला कर सकता है आंतकी गुट ISIS Khorasan, अमरीका ने दी चेतावनी
नई दिल्ली। काबुल एयरपोर्ट ( Kabul Airport ) पर हुए बम धमाके के बाद एक बार फिर हमले का खतरा मंडरा रहा है। अमरीकन ब्रॉडकास्ट कंपनी के मुताबिक शुक्रवार को एक बार फिर आतंकी संगठन ISIS-Khurasan हमला कर सकता है। अमरीका ने नए हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है।
वहीं गुरुवार को हुए हमलों की जिम्मेदारी भी इस्लामिक स्टेट खोरासन ( ISIS Khorasan ) ने ली है। दरअसल खोरासन ISIS का सबसे खतरनाक आतंकी गुट है। इस गुट की शुरुआत 6 वर्ष पहले हुई थी।
अमरीकन ब्रॉडकास्ट कंपनी (ABC) के मुताबिक काबुल एयरपोर्ट पर शुक्रवार को फिर आतंकी हमला हो सकता है। हवाई अड्डे के नॉर्थ गेट पर कार बम ब्लास्ट का खतरा है। दरअसल गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट पर हुए हमले में अमरीका के 13 सैनिक की मौत हो चुकी है। इस हमले के बाद अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने आतंकियों को खोज कर मारने की बात कही है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
तालिबान को अपना दुश्मन मानता है ISIS Khurasan
काबुल एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती हमलों का जिम्मेदार इस्लामिक स्टेट (IS) से संबधित आतंकी संगठन है। इसे इस्लामिक स्टेट खोरासान ( ISIS-Khorasan ) के नाम से जाना जाता है। इसकी स्थापना छह साल पहले हुई थी। सत्ता और प्रभुत्व की लड़ाई में तालिबान को ये गुट अपना दुश्मन मानता है।
ऐसे तैयार हुआ Khorasan
- 2012 में Khorasan इलाके में लड़ाकों ने एक गुट बनाया, ये इलाका ईरान, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है
- 2014 में इस गुट का ISIS के प्रति झुकाव हुआ और वो इस्लामिक स्टेट की मुहिम में शामिल हो गए।
- 20 मॉड्यूल मौजूद वक्त में ISIS के सक्रिय हैं
- ISIS-Khurasan को सबसे खतरनाक गुट माना जाता है
- दक्षिण एशिया में खोरासान का नेटवर्क सबसे मजबूत है।
पहले भी हमले कर चुका आतंकी गुट
आईएसआईएस-खोरासन (ISIS-Khurasan ) ने पहले भी अफगानिस्तान में कई आतंकी हमले किए हैं। इस आतंकी संगठन ने मई में काबुल में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए घातक विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 68 लोग मारे और 165 घायल हो गए थे।
Khurasan ने जून में ब्रिटिश-अमरीकी हालो (HALO) ट्रस्ट पर भी हमला किया था। इसमें 10 लोग मारे और 16 अन्य घायल हो गए थे।
ये चाहता है ISIS Khorasan
ISIS का Khorasan गुट अफगानिस्तान में नया ठिकाना बनाना चाहता है। ISIS-K गुट का अल कायदा से गठजोड़ है, इस गुट में अल कायदा से ट्रेनिंग ले चुके लड़ाके भी शामिल हैं।