चीन की सरकार ने देश में बढ़ रहे ऑनलाइन गेम्स के कारोबार पर नियंत्रण करने के लिए नई योजना बनाई है।
दुनिया भर में ऑनलाइन गेम्स के बुरे नतीजे सामने आ रहे हैं। इसलिए कई देशों ने ऐसी गेम्स को बैन करना शुरू कर दिया है। ताजा मामला चीन का है। चीन में बच्चों में बच्चों निकट दृष्टि दोष की बढ़ रही समस्या को रोकने के लिए सरकार ने ऑनलाइन गेम्सपर रोक लगाने की योजना बनाई थी। योजना अभी लागू नहीं हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार- जैसे ही इसका खुलासा हुआ, माकेर्ट में कई चीनी वीडियो गेम कंपनियों के शेयर गिर गए। सरकार की इस योजना को देश के तेजी से उभरते और बेहद लोकप्रिय वीडियो गेम उद्योग पर सरकारी निगरानी को मजबूत करने की दिशा कदम के रूप में देखा जा रहा है।
ऑनलाइन गेम्स पर सरकार का नियंत्रण
बता दें, बच्चों की आंखों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसी सप्ताह चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ‘अहम दिशानिर्देश’ जारी किए थे। इसके बाद गेम्स के बारे में नए नियमों का ऐलान किया गया। चीन के शिक्षा मंत्रालय की ओर से इस मौके पर जारी बयान में कहा गया था कि अधिकारी इंटरनेट गेम्स की कुल संख्या का नियमन एवं नियंत्रण करेंगे। साथ ही वे अधिकारियों को इस तरह की गेम्स के नामों पर नजर रखने के लिए भी कहा गया था। बयान पर आठ मंत्रालयों के हस्ताक्षर हैं। इसमें कहा गया कि अधिकारी उम्र के अनुसार उपयुक्त अलर्ट प्रणाली का पता लगाएंग और बच्चों के बीच खेल के घंटों को सीमित करने के लिए कार्रवाई करेंगे।
छोटे बच्चों में बढ़ रही मायोपिया की दर
जैसे ही सरकार की इस योजना की भनक बाहर निकली, चीनी चीनी वीडियो गेम कंपनियों के शेयर तेजी से गिर गए। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने शी के आदेश के हवाले से बताया कि चीन में स्टूडेंट्स खासकर छोटी उम्र के बच्चों के बीच मायोपिया की दर अधिक है। इसलिए चीन के राष्ट्रीय रेडियो एवं टेलीविजन प्रशासन के अनुसार इस आदेश के बाद मई से घरेलू कंपनियों के लिए कोई नया नाम नहीं दिया। न ही फरवरी से किसी नए आयातित गेम को स्वीकृति मिली है। राष्ट्रीय रेडियो एवं टेलीविजन प्रशासन नियमित रूप से इन खेलों की ऑनलाइन सूची अपडेट करता है।