
रक्षा क्षेत्र में भारत-चीन के बीच स्थापित होगी हॉटलाइन, विवादों का करेगी निपटारा
पेइचिंग। भारत और चीन रक्षा क्षेत्र में एक हॉटलाइन स्थापित करना चाहते हैं। इसके लिए वे 12 साल पुराने एक रक्षा समझौते पर दोबारा काम करने की कोशिश कर रहे हैं। इस समझौते से डोकलाम जैसे विवादों से बचा जा सकेगा। गौरतलब है कि चीन के साथ सीमा विवाद बीते एक दशक से ज्यादा देखने को मिल रहा है। ऐसे में इस तरह की समस्या से निपटने के लिए दोनों देश योजना पर काम कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल वु कियान ने बताया कि बीते सप्ताह नई दिल्ली में चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक हुई थी। इसमें आम सहमति को आगे ले जाने के तरीके पर गहन चर्चा की थी।
अनौपचारिक बैठक में सहमति बनी
दोनों सेनाओं के बीच हॉटलाइन को विश्वास बहाली के एक बड़े उपाय के तौर पर देखा जा रहा है। यह सेनाओं के मुख्यालयों को सीमा पर गश्त के दौरान तनाव दूर करने और डोकलाम जैसे गतिरोध को टालने के लिए सक्षम बनाएगा। दरअसल, भूटान के पास डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के बीच 73 दिनों तक रहे गतिरोध के चलते तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था। इलाके में चीन द्वारा सड़क निर्माण किए जाने को लेकर गतिरोध की स्थिति बनी थी। दोनों देशों के अपनी-अपनी सेनाएं हटाने के लिए सहमत होने पर यह गतिरोध खत्म हुआ था।
एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे
वु ने कहा कि दोनों देश रक्षा मंत्रालयों के बीच एक नये सहमति पत्र (एमओयू) पर काम करने के लिए मशविरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2006 में भारत और चीन ने रक्षा आदान-प्रदान और सहयोग संबंधी एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया था। चीन इसके प्रति एक सकारात्मक रूख रखता है और दोनों देश एक दूसरे के संपर्क में हैं। इसके अलावा वु ने कहा कि यदि चीन और भारत के बीच संबंध सहज रहते हैं तो इसका दोनों को फायदा होगा और यह एशिया को समृद्धि की राह पर बढ़ने में मदद करेगा।
फोन लाइन स्थापित करना शामिल
वु ने बताया कि दोनों रक्षा मंत्रालयों और क्षेत्रीय सैन्य इकाइयों के बीच एक सीधी फोन लाइन स्थापित करना शामिल है। दोनों सैन्य मुख्यालयों के बीच एक सीधा हॉटलाइन स्थापित करने में देर होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दोनों देश इस बारे में बातचीत कर रहे हैं। अगले चरण में एक दूसरे से इस बारे में संपर्क और समन्वय को जारी रखा जाएगा।
Published on:
31 Aug 2018 09:11 am
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