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चीन ने अफगानिस्तान में सेना की तैनाती से किया इनकार

पिछले दिनों मीडिया में खबरें आई थीं कि चीन अफगानिस्तान में सैनिक तैनात करने की योजना बना रहा है, जबकि चीन ने कहा है कि वह आतंक के खिलाफ अफगानिस्तान की मदद कर रहा है।

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चीन ने अफगानिस्तान में सेना की तैनाती से किया इनकार

चीन ने मीडिया में आई उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि वह अफगानिस्तान में अपने सैनिक तैनात करने की योजना बना रहा है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल वू क्विन ने ने एक बयान जारी करके कहा है कि ऐसी रिपोर्ट्स सच नहीं हैं, जिनमें कहा गया है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिक पूर्वी अफगानिस्तान में एक शिविर बना रहे हैं।

वू ने कहा कि अन्य देशों की तरह चीन विशेष तौर पर आतंकवाद से निपटने में रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अफगानिस्तान की मदद कर रहा है। साथ ही यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच ‘सामान्य सैन्य और सुरक्षा सहयोग’ है।

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केवल आतंकवाद से निपटने के लिए है मदद
एक मीडिया रिपोर्ट में चीन में अफगानिस्तान के राजदूत जनान मोसाजई के हवाले से लिखा गया है कि- बीजिंग आतंकवाद से निपटने के अभियानों को मजबूत बनाने के लिए एक पहाड़ी ब्रिगेड स्थापित करने के लिए अफगानिस्तान की मदद कर रहा है। अफगानिस्तान की सरजमीं पर इस प्रक्रिया में कोई चीनी सैनिक शामिल नहीं होगा। बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चीन पर उत्तर कोरिया के साथ उसके रिश्तों को मुश्किल भरा बनाने के बाद चीन ने अमेरिका पर कड़ी आपत्ति जताई है। चीन ने बयान जारी करके अमेरिका के इस रवैये को ‘गैर जिम्मेदाराना और बेतुका तर्क’ बताया है।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि- ‘मेरे जैसे बहुत सारे लोग यह मानते हैं कि जब सच को घुमाने, गैरजिम्मेदाराना और बेतुके तर्कों की बात आती है, तो अमेरिका का नाम सबसे ऊपर आता है।’ हुआ ने कहा कि- ‘इस तर्क को आसानी से नहीं समझा जा सकता है।

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चीन नहीं कर रहा मदद
बता दें, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने यह कहकर अपने तर्क की पुष्टि भी करनी चाही थी कि करनी चीन शीत युद्ध के दौर के अपने सहयोगी पर नियंत्रण करने में मदद नहीं कर रहा है। वे इससे पहले भी यह आरोप लगा चुका है, जब अमेरिका ने विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के इस इस सप्ताह प्रस्तावित उत्तर कोरिया यात्रा को रद्द कर दिया था।