बुधवार की देर शाम को हुए इन धमाकों की अभी तक किसी आतंकवादी संगठन ने इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
काबुल। बुधवार को काबुल के कला-ए-नाज़र इलाके में हुई दो बम विस्फोटों में मरने वालों की संख्या 20 तक पहुंच गई है। इसके अलावा इन जुड़वां विस्फोटों में कम से कम दर्जन अन्य घायल हो गए। पहला विस्फोट एक आत्मघाती हमला था जो मोलेम कुश्ती क्लब में हुआ । इसमें कम से कम चार की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने कहा कि क्लब में एथलीटों के बीच मौजूद बॉम्बर ने खुद को विस्फोटकों की मदद से उड़ा लिया। दूसरा विस्फोट एक कार में हुआ जिसमें कम से कम 16 लोग मारे गए और 65 अन्य घायल हो गए। बताया जा रहा है की दोनों विस्फोट एक घंटे के अंतराल पर हुए।
मारे गए 20 लोग
इन विस्फोटों में मरने वालों की संख्या 20 तक पहुंच गई है। पुलिस ने कहा है कि ये विशुद्ध आतंकी हमले हैं। हमलों में आम नागरिकों के अलावा 2 पत्रकार भी मारे गए हैं। एक समाचार चैनल के दो पत्रकार सैमिम फरमारज़ और रामिज अहमदी दूसरे विस्फोट के दौरान मारे गए।
मानवता के खिलाफ अपराध
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने एक बयान में हमलों की निंदा की और इसे "मानवता के खिलाफ अपराध" कहा। राष्ट्रपति भवन से जारी एक वक्तव्य में कहा गया है,"नागरिकों और मीडिया पर हमला प्रेस की स्वतंत्रता और मानवता के खिलाफ अपराध पर हमला है। राष्ट्रपति आतंकवादी हमलों की निंदा करते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पीड़ितों के परिवारों की मदद करने के लिए हर संभव मदद करें।
पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने विस्फोटों की निंदा की और पीड़ितों के लिए अपनी संवेदना व्यक्त की। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा," 'मैं काबुल में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें बहादुर एथलीट्स और जर्नलिस्ट्स सहित देश के लोगों की जान चली गई।हमारे शुभचिंतकों को पता है कि देश के लोग आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं। इस ब्लास्ट में जान गंवाने वालों के परिजनों और दोस्तों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।"
किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी
बुधवार की देर शाम को हुए इन धमाकों की अभी तक किसी आतंकवादी संगठन ने इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस के अनुसार हमलावर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खिलाड़ियों और पुलिस के जवानों को निशाना बनाने के मकसद से अंदर घुसा था।