इमरान खान ने आरोप लगाया कि पहली सरकारें, मुल्क को 30 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में फंसाकर गई हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने देश को सुधानने की कोशिशों में लगे हैं। अब उन्होंने कहा है कि सारे भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों को अब जेल की हवा खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मुल्क को कर्ज के जाल में फंसाने वाले नेताओं तथा अधिकारियों को अब पुराने पड़ चुके राष्ट्रीय मेलमिलाप अध्यादेश (एनआरओ) जैसे किसी कानून के तहत राहत नहीं मिलेगी।
बता दें, यह विवादित अध्यादेश अक्टूबर 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की सरकार ने लागू किया था। इसके तहत सियासी लोगों के खिलाफ मामलों को खत्म कर दिया गया था। दो साल बाद 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुशर्रफ के इस अध्यादेश को गैरकानूनी करार दे दिया था।
पहली सरकारों ने मुल्क 30 लाख करोड़ के कर्ज में फंसाया
उन्होंने नकदी की समस्या से जूझ जहे पाकिस्तान को वित्तीय परेशानियों से निकालने के लिए लोगों से बात की और इसके लिए सरकार की ओर से किए जा रही कोशिशों के बारे में बताया। देश की पहली सरकारों को कठघरे में खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि वे मुल्क को 30 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में फंसाकर गई हैं। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार इमरान खान ने कहा कि- 'वे हमसे एनआरओ चाहते हैं, मैं उन्हें संदेश देना चाहता हूं कि अपने कान खोलकर सुनें...अब किसी को एनआरओ नहीं मिलेगा। किसी भी भ्रष्ट को किसी भी हालत में माफ नहीं किया जाएगा।'
भ्रष्टाचर मुक्त देश ही आगे बढ़ सकता है
इमरान ने कहा कि देश ने उन्हें इस वादे पर चुना है कि 'वह भ्रष्ट लोगों को सलाखों के पीछे भेजेंगे।' इसलिए जब तक मुल्क से भ्रष्टाचार का नामो-निशान नहीं मिटता, तब तक देश का कोई भविष्य नहीं है।