
बीजिंग।जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35ए हटाकर केंद्र की मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला किया है। सरकार के इस फैसले पर पाकिस्तान और चीन ने आपत्ति दर्ज कराई है।
मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाते हुए लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया, जिसको लेकर अब चीन ने आपत्ति दर्ज कराई है। चीन ने मंगलवार को कहा कि भारत का यह कदम उसकी क्षेत्रीय संप्रभुता के खिलाफ है।
चीन ने भारत को सावधानी बरतने और सीमा मुद्दे को जटिल न बनाने की हिदायत दी है। चीन की ओर से कहा गया, 'चीन ने हमेशा भारत के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में स्थित चीन-भारत सीमा के पश्चिमी खंड में भारतीय पक्ष पर आपत्ति जताई है। यह स्थिति दृढ़ व अटल है और किसी भी तरह से कभी नहीं बदली है।’
भारत को सीमा विवाद पर सावधानी बरते: हुवा चुनयिंग
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुवा चुनयिंग ( Foreign Ministry Spokesperson Hua Chunying ) ने जम्मू-कश्मीर में भारत द्वारा किए गए बदलावों पर कहा, 'हाल के दिनों में भारतीय पक्ष ने अपने घरेलू कानूनों को इस तरह से संशोधित किया है, जिससे चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता को कमजोर किया जा सके। यह अस्वीकार्य है।’
उन्होंने कहा, 'हम भारतीय पक्ष से सीमा मुद्दे पर सावधानी बरतने का आग्रह करते हैं, ताकि दोनों पक्षों के बीच पहुंचे संबंधित समझौतों का सख्ती से पालन किया जा सके और सीमावर्ती मुद्दे और न उलझें नहीं।’
बता दें कि भारत ने मंगलवार को घोषणा की कि जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 को खत्म किया जा रहा है। इसके तहत राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में विभाजित किया गया है।
सदन में भाषण देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का मतलब सिर्फ मौजूदा कब्जे वाला कश्मीर नहीं है बल्कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और अक्साई चीन भी आता है। हम मरते दम तक जम्मू-कश्मीर के हक लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे।