2016 में जाकिर नाइक ने भारत से भाग कर मलेशिया में शरण ली। जाकिर नाइक पर अपने उपदेश के माध्यम से आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप है। मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण से पहले भी इनकार किया है।
कुआलालम्पुर।मलेशिया ( Malaysia ) के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ( Prime Minister Mahathir Mohamad ) ने 53 वर्षीय विवादित इस्लामिक धर्म उपदेशक जाकिर नाइक ( Islamic Preacher Zakir Naik ) को लेकर सोमवार को एक बड़ा बयान दिया है। महाथिर का यह बयान भारत के लिए एक झटका है। दरअसल, महाथिर मोहम्मद ने कहा कि मलेशिया के पास यह अधिकार है कि वह जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण न करें। इसके पीछे उन्होंने यह तर्क दिया कि यदि जाकिर नाइक को यह लगता है कि भारत में उनके साथ न्यायसंगत व्यवहार नहीं होगा और उसे न्याय नहीं मिलने की संभावना है तो ऐसे में हमारे पास यह अधिकार है कि हम उन्हें भारत को प्रत्यर्पण न करें।
बता दें कि ये सभी बातें दक्षिण एशियाई देशों के अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र 'द स्टार’ ने अपनी रिपोर्ट में लिखी हैं। रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण दिया है। महाथिर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ( Australia ) ने पूर्व पुलिस कमांडो सीरुल अजहर उमर को प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया था, जिन्हें मलेशिया में एक मंगोलियाई नागरिक अल्तांतुआ शरियिबु की हत्या के लिए मृत्युदंड दिया गया था। उन्होंने आगे बताया है कि हमने ऑस्ट्रेलिया से सीरुल का प्रत्यर्पण करने का अनुरोध किया, लेकिन उनका प्रत्यर्पण नहीं किया जा रहा है, क्योंकि पूर्व कमांडो को लगता है कि मलेशिया में उसे फांसी दे दी जाएगी। बता दें कि जाकिर नाइक का पूरा नाम जाकिर अब्दुल करीब नाइक है।
भारत पर जाकिर का आरोप
जाकिर नाइक ने भारत पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। जाकिर नाइक ने भारत में फेयर ट्रायल नहीं मिलने की संभावना जताई थी। जाकिर ने भारत पर आरोप लगाया था कि उसे फंसाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और इंटरपोल पर उसके खिलाफ रेड-कॉर्नर नोटिस जारी करने का दबाव लगातार बना रही है। हालांकि अभी तक नाइक के खिलाफ रेड-कॉर्नर नोटिस जारी नहीं हुआ है। बता दें कि जाकिर नाइक 2016 में भारत छोड़कर भाग गया था और मलेशिया में शरण लेकर रह रहा है।
मलेशिया का प्रत्यर्पण से इनकार
बता दें कि यह पहला अवसर नहीं है जब ऐसी बातें सामने आई है। इससे पहले मलेशिया के पीएम महाथिर मोहम्मद ने जाकिर नाइक से मुलाकात की थी और उन्हें भरोसा दिया था कि भारत की मांग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। महाथिर ने अपने पहले के एक बयान में कहा था कि वह जाकिर नाइक को तब तक भारत प्रत्यर्पित नहीं करेगा जब तक कि वह उनके देश के लिए समस्या पैदा नहीं करेगा। मलेशिया की पिछली सरकार ने जाकिर नाइक को स्थाई निवासी का दर्जा दिया था।
जाकिर नाइक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
भारत में जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जाकिर नाइक के खिलाफ nia ने गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त होने का मामला दर्ज किया है। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) ने मनी लांड्रिंग ( money laundering ) समेत कई मुकदमे नाइक के खिलाफ दर्ज कर उसकी संपत्तियों को जब्त किया है। अपनी जांच रिपोर्ट में ED ने कहा है कि इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ( IRF ) के कई बैंक खाते हैं, जिनमें दानकर्ताओं की ओर से दिए जाने वाले चंदे या जकात के रूप में जमा किए जाते थे। इन खातों पर खुद जाकिर नाइक का नियंत्रण था। ये सभी बैंक खाते सिटी बैंक, डीसीबी बैंक लिमिटेड और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में हैं।
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