HIGHLIGHTS मोदी सरकार ( Modi Government ) ने वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) पर चल रहे विवाद के बीच चीन को एक और बड़ा झटका ( India China Tension ) देने की तैयारी कर ली है। सरकार अब एक ऐसा नियम लागू करने जा रही है, जिससे चीन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। नए नियमों के मुताबिक, ई-कॉमर्स ( E-Commerce ) कंपनियों को अन्य शुल्कों के अलग अलग जानकारी के साथ बिक्री के लिए दी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं ( Goods and Services ) की कुल कीमत प्रदर्शित करनी होगी।
नई दिल्ली। पूर्व लद्दाख ( East Ladakh ) के गलवान घाटी ( Galwan valley ) में भारत चीन सेना के बीच ( India China Tension ) हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ा हुआ है। चीन को सबक सिखाने के लिए भारत आर्थिक मोर्चे पर एक-एक कदम आगे बढ़ाता जा रहा है। अब तक कई ऐसे फैसले भारत सरकार ने लिए हैं, जिसको लेकर चीन बौखला गया है और अब चीन को एक बार फिर से बड़ा झटका देने की तैयारी में है।
दरअसल, मोदी सरकार ने वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) पर चल रहे विवाद के बीच चीन को एक और बड़ा झटका देने की तैयारी कर ली है। सरकार अब एक ऐसा नियम लागू करने जा रही है, जिससे चीन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
बता दें कि केंद्र सरकार इस सप्ताह के अंत तक इलेक्ट्रॉनिक खुदरा विक्रेताओं ( Electronic Retailers ) के लिए नई नियमावली लागू करने वाली है। इस नियम के तहत विक्रेताओं को अपने उत्पाद पर उत्पादन/विनिर्माण के देश सहित कई विवरण देना अनिवार्य होगा। इससे पहले भारत सरकार ने 59 चाइनीज ऐप्स ( 59 Chinese Apps Banned In india ) को देश में बैन कर दिया और कई कॉन्ट्रैक्ट भी रद्द कर दिए, जिससे चीन को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है।
क्या हैं नए नियम
उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ( Union Minister Ram Vilas Paswan ) ने बताया है कि उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियमावली 2020 ( Consumer Protection (E-Commerce) Rules 2020 ) भारत या विदेश में रजिस्टर्ड सभी इलेक्ट्रॉनिक रिटेलर्स (ई-टेलर्स) ( Electronic retailers (E-tailers) ) पर लागू होगी। उन्होंने आगे कहा कि नियमों का उल्लंघन करने पर उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकार और उपभोक्ता अदालतों द्वारा कानून के तहत निर्धारित दंड भुगतने होंगे।
नए नियमों के मुताबिक, ई-कॉमर्स कंपनियों ( E-commerce companies ) को अन्य शुल्कों के अलग अलग जानकारी के साथ बिक्री के लिए दी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कुल कीमत प्रदर्शित करनी होगी। इतना ही नहीं, विक्रेता को अपने उत्पाद पर ये बताना होगा कि सामान किस देश में बना है या किस देश का है। अब इस व्यवस्था के लागू होने से उपभोक्ता खरीदने से पहले सोच समझ कर निर्णय ले सकेगा। ग्राहकों को ये समझने में आसानी हो जाएगी कि वह भारत में बने सामान का इस्तेमाल कर रहे हैं या फिर दूसरे देशों के प्रोडक्ट को यूज करते हैं।
आपको बता दें कि इस नियम के लागू होने से भारत में चीन का कारोबार ( India China Trade ) प्रभावित होगा। क्योंकि अभी पूरे देश में चीनी सामान का बहिष्कार करने की मुहिम चली है।