एशिया

अमरीका के तेवर देख पाकिस्तान के बदले सुर, भारत से वार्ता को बताया एकमात्र विकल्प

पाकिस्तान गहरे आर्थिक संकट से गुजर रह है, ऐसे में उसके पास अमरीका की बात मानने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है
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Updated: 6 Oct 2018, 3:24 PM IST
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अमरीका के तेवर देख पाकिस्तान के बदले सुर,भारत से वार्ता को बताया एकमात्र विकल्प

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले दिनों भारत के खिलाफ काफी तीखी प्रतिक्रिया की थी। मगर अमरीका के तेवर को देखते हुए उसकी हालत ढीली हो गई है। अब वह चाहता कि किसी तरह से उस पर लगा आतंकवाद का धब्बा हट जाए। इसके लिए उसके पास भारत से वार्ता के अलावा कोई चारा नहीं है। गौरतलब है कि पाकिस्तान कर्ज के बोझ से दब गया है। उस पर अमरीका और चीन का भारी कर्ज है। इसे चुकाने में उसे काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इमरान सरकार पैसे जुटाने के लिए पुरानी मर्सीडीज कार को निलाम कर रही है,तो कभी अपने हेलीकॉप्टर और भैसे बेंचकर पैसों का जुगाड़ कर रही है। हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मीडिया में दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि भारत के साथ बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। युद्ध कोई विकल्प नहीं है। इससे पता चलता है कि पाकिस्तान इस समय काफी दबाव में है।

इमरान खान ने भारत को लेकर तीखी टिप्पणी की थी

बता दें कि बीते दिनों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि शांति-वार्ता बहाली की मेरी पहल पर भारत के अहंकारी और नकारात्मक जवाब से निराश हूं। हालांकि,मैं अपनी जिंदगी में बड़े ओहदों पर बैठे ऐसे छोटे लोगों से मिला हूं, जिनके पास बड़ी तस्वीर देखने का नजरिया नहीं है।' गौरतलब है कि न्यूयॉर्क में यूएन महासभा के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाक से बातचीत से इनकार कर दिया था। पहले महासभा में दोनों की बैठक तय की गई थी,मगर कश्मीर में हो रहे हमलों को लेकर उन्होंने इसे रद्द कर दिया था।

इमरान खान ने पीएम मोदी को पत्र लिखा था

इससे पहले भारत और पाकिस्तान के बीच बंद पड़ी बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए इमरान खान ने पीएम मोदी को पत्र लिखा था। हालांकि,भारतीय सैनिकों पर हो रहे हमलों के बीच भारत ने किसी भी स्तर पर बातचीत से इनकार कर दिया था। जिसके बाद भारत को लेकर इमरान खान के ऊंचे तेवर नजर आए थे। इमरान का कहना है कि वह वार्ता के जरिए शांति चाहते है। मगर भारत इस वार्ता से इनकार कर जनता को राहत नहीं देना चाहता है।

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