
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने रविवार को भारत के अपने दो केंद्रीय मंत्रियों को अगले सप्ताह करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखने वाले समारोह में भाग लेने के लिए भेजे जाने के फैसले का स्वागत किया है। पाकिस्तान में करतारपुर साहिब,भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक पूजास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर रावी नदी के पार स्थित है।
अपने-अपने हिस्सों का करेंगे विकास
यह सिख गुरुद्वारा 1522 में सिख गुरु ने स्थापित किया था। पहला गुरुद्वारा करतारपुर साहिब,यहां बनाया गया था,जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां गुरु नानक देव का निधन हुआ था। भारत और पाकिस्तान ने घोषणा की है कि पाक के गुरुद्वारा दरबार साहिब के साथ पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक को जोड़ने वाले इस मार्ग का विकास अपने-अपने हिस्सों में करेंगे।
भारत के फैसले को 'सकारात्मक प्रतिक्रिया' बताया
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी को भेजने के भारत के फैसले का स्वागत किया है। कुरैशी ने भारत के फैसले को 'सकारात्मक प्रतिक्रिया' बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने सिख समुदाय को करीब लाने के लिए पाकिस्तान की पहल का अच्छी तरह से उत्तर दिया है। पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने विदेश मंत्री कुरैशी का स्टॉल पर स्वागत किया। कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने लाखों सिखों के दिल को एकमात्र लेकिन महत्त्वपूर्ण कदम से जीता है और विश्वास व्यक्त किया है कि करतारपुर गलियारा संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम समेत दुनिया भर से सिख समुदाय के सदस्यों को पाकिस्तान में आकर्षित करेगा।