Today Panchang 12 February 2026: 12 फरवरी 2026 का पूरा पंचांग - विक्रम संवत 2082, सूर्योदय से शुभ चौघड़िया 8:33 तक, राहु काल 1:30-3:00, चंद्र धनु राशि प्रवेश, फाल्गुन संक्रांति, महर्षि दयानंद जयंती। दिशा शूल दक्षिण, जन्म नाम अक्षर यू-भ। शुभ कार्य मुहूर्त देखें
Aaj Ka Panchang 12 February 2026: गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की दशमी-एकादशी तिथि रहेगी, जिसमें ज्येष्ठा से मूल नक्षत्र और हर्षण से वज्र योग का संयोग बनेगा। चंद्रमा वृश्चिक से धनु राशि में प्रवेश करेगा, साथ ही फाल्गुन संक्रांति, महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती व पं. दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि जैसे विशेष दिवस हैं। शुभ चौघड़िया सूर्योदय से 8:33 तक व अन्य समयों में उपलब्ध, लेकिन दक्षिण दिशा शूल व राहु काल 1:30-3:00 से बचें। गंडमूल नक्षत्र पूरे दिन रहेगा। आज जन्मे बच्चों के नाम यू, ये, यो, भा रखें। पूर्ण पंचांग के साथ शुभ मुहूर्त व उपाय जानें।
| क्रम संख्या | विवरण | जानकारी |
|---|---|---|
| 1 | विक्रम संवत् | 2082 |
| 2 | संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| 3 | शक संवत् | 1947 |
| 4 | हिजरी सन् | 1447 |
| 5 | मुस्लिम मास | 23 सावान |
| 6 | अयन | उत्तरायण |
| 7 | ऋतु | शिशिर ऋतु |
| 8 | मास | फाल्गुन |
| 9 | पक्ष | कृष्ण |
आज शुभ का चौघड़िया सूर्योदय से 8.33 तक रहेगा. चर का चौघड़िया 11.18 से 12.41 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 12.41 से 3.27 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 4.50 से सूर्यास्त तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि दक्षिण दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पहले थोड़ा फलाहार करके या दही सेवन करके, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 1.30 से 3.00 तक रहेगा।
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो केले का सेवन करके कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – दशमी तिथि दिन 12.23 तक होगी तदुपरान्त एकादशी तिथि होगी ।
नक्षत्र – ज्येष्ठा नक्षत्र दिन 1.42 तक होगा तदुपरान्त मूल नक्षत्र होगा ।
योग – हर्षण योग रात्रि 3.06 तक रहेगा तदुपरान्त वज्र योग रहेगा ।
करण – विष्टि करण दिन 12.23 तक रहेगा तदुपरान्त बव करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 12-23 तक, फाल्गुन संक्रांति, पुण्यकाल अगले दिन, महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती, ज्ञान-ज्योति पर्व, पं. दीनदयाल उपाध्याय पुण्य तिथि, गंडमूल संपूर्ण दिनरात्रि,
चन्द्रमा – आज दिन 1.42 तक वृश्चिक राशि में होगा तदुपरान्त धनु राशि में प्रवेश होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश रात्रि 4-09 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 1.42 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृश्चिक होगी तदुपरान्त धनु राशि होगी ।
आज दिन 1.42 तक जन्म लेने वाले बच्चों का ज्येष्ठा नक्षत्र होगा तदुपरान्त मूल नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर यू, ये, यो, भ पर रखे जा सकते हैं।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं। ये जिद्दी, साहसी, उत्साही, व्यवहार-कुशल, स्पष्टवादी, परिश्रमी, कर्तव्यनिष्ट, ईमानदार, समझदार, ज्ञानी, साहसी, दृढ़संकल्प, शीघ्र उत्तेजित हो जाने वाले व अपनी मेंहनत से कार्य करने वाले होते हैं। ऐसे जातक जिस कार्य को करने का निश्चय कर लेते हैं उसे दृढ़तापूर्वक पालन करने का प्रयास भी करते हैं। ये केमिस्ट, इंजिनियर, वकील, पुलिस, सेना-विभाग, अध्यापन, ज्योतिष, अनुसंधानकर्ता के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त करते हैं।
धनु राशि के स्वामी बृहस्पति होने से व्यक्ति ज्ञानी व समझदार होता हैं परंतु गुस्सा जल्दी करते हैं। हैं। इनमें विवेक, शक्ति और पराक्रम होता हैं। सौम्य शांत, सरल स्वभाव, धार्मिक प्रकृति, उदार हृदय, परोपकारी, संवेदनशील, करुणा, दया आदि भावनाओं से युक्त होते हैं।