धर्म/ज्योतिष

Panchang: आज का पंचांग 15 फरवरी 2026: महाशिवरात्रि व्रत, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Today Panchang February 15, 2026 : 15 फरवरी 2026 का पंचांग: आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व है। जानें आज के शुभ चौघड़िया मुहूर्त, राहुकाल, सर्वार्थ सिद्धि योग और मकर राशि में जन्मे बच्चों का भविष्य।

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Feb 14, 2026
Aaj Ka Panchang 15 February : 15 फरवरी 2026 का पंचांग

Aaj Ka Panchang 15 February 2026 : आज रविवार, 15 फरवरी 2026 का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के संयोग के साथ आज महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जा रहा है। आज का दिन न केवल महादेव की आराधना के लिए विशेष है, बल्कि 'सर्वार्थ सिद्धि योग' की उपस्थिति इसे किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए भी उत्तम बनाती है। इस लेख में हम आपको आज के शुभ चौघड़िया, दिशा शूल से बचने के उपाय और इस सप्ताह आने वाले प्रमुख व्रत-त्योहारों की विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

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आज का पंचांग रविवार, 15 फरवरी, 2026 | Today's Panchang Feb 15, 2026

विवरण (Detail)जानकारी (Information)
विक्रम संवत्2082
संवत्सर नामसिद्धार्थ
शक संवत्1947
हिजरी सन्1447
मुस्लिम मास26 सावान
अयनउत्तरायण
ऋतुशिशिर ऋतु
मासफाल्गुन
पक्षकृष्ण पक्ष

आज का चौघड़िया | Aaj ka Choghadiya Jaipur Rajasthan

आज दिन में चर का चौघड़िया 8.31 से 9.54 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9.54 से 12.41 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 2.04 से 3.28 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।

राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक

उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।

तिथि – त्रयोदशी तिथि सायं 5.05 तक होगी तदुपरान्त चतुर्दशी तिथि होगी ।

नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात्रि 7.48 तक होगा तदुपरान्त श्रवण नक्षत्र होगा ।

योग – व्यतिपात योग रात्रि 2.47 तक रहेगा तदुपरान्त वरियान योग रहेगा ।

करण – वणिज करण सायं 5.05 तक रहेगा तदुपरान्त विष्टि करण रहेगा।

विशिष्ट योग – सर्वार्थ सिद्धि योग सूर्योदय से रात्रि 7-48 तक,

व्रत / दिवस विशेष – भद्रा सायं 5-05 से अंतरात्रि 5-20 तक, महाशिवरात्रि व्रत, व्यतिपात पुण्य, वैद्यनाथ जयंती, कृत्ति वासेश्वर दर्शन व पूजन, चतर्दश ज्योतिर्लिंग पूजा,

चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि मकर राशि में होगा ।

ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – बुध का पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 9-42 पर,

सप्ताह के व्रत-त्यौहार / दिवस विशेष

DateDayImportant Events / Details
16.02.2026Mondayमुनि वासुदेव पूज्यनाथ जयती, सर्वार्थसिद्धि योग (सूर्योदय से रात 8:48 तक)
17.02.2026Tuesdayदेवपितृकार्य अमावस्या, भौमवती अमावस्या, शिव खप्पर पूजा, मन्वादि, पंचक प्रारम्भ (9:06 से), कंकण सूर्यग्रहण (भारत में अदृश्य)
18.02.2026Wednesdayहर्षल कृत्तिका नक्षत्र चरण 3 प्रवेश (4:26 AM), प्लूटो श्रवण चरण 1 (7:46 AM), सूर्य मीन राशि प्रवेश (9:22 PM), चंद्रदर्शन, पंचक, बसंत ऋतु प्रारम्भ
19.02.2026Thursdayसूर्य शतभिषा नक्षत्र प्रवेश (6:33 AM), फुलेरा दोज, रामकृष्ण परमहंस जयती, पंचक, खाटू श्याम मेला प्रारम्भ, गोपाल कृष्ण गोखले पुण्य दिवस, शिवाजी जयंती, रोजा शुरू
20.02.2026Fridayभद्रा (1:50 AM से), पंचक, फाल्गुन मास प्रारम्भ, पं. लेखराम वीर जयंती, विवाह मुहूर्त (रेवती), गंडमूल (8:07 PM से), राजयोग, सर्वार्थसिद्धि, अमृतसिद्ध योग, रवियोग
21.02.2026Saturdayभद्रा (1:01 PM तक), शुक्र पूर्वा भाद्रपद प्रवेश (12:37 AM), शनि उत्तरा भाद्रपद चरण 2 (3:11 AM), विनायक चतुर्थी, संत चतुर्थी, पंचक (7:07 PM तक), मातृ भाषा दिवस, गंडमूल, महापात, रवियोग
22.02.2026Sundayगंडमूल (5:55 PM तक), सर्वार्थसिद्धि योग (सूर्योदय से 5:55 PM तक), रवियोग प्रारम्भ

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मकर होगी ।
आज रात्रि 7.48 तक जन्म लेने वाले बच्चों का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होगा तदुपरान्त श्रवण नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर भो, ज, जि, खी, खु पर रखे जा सकते हैं।

मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं. ये राशि शांत स्वभाव की धैर्यवान व सहनशील होती हैं परंतु ये लोभी भी होते हैं। इनका व्यवहार गहन विचार करने वाला व क्षमाशील होता हैं। ये लोग अच्छे व्यापारी होते हैं। ये चर राशि होने के कारण एक स्थान पर एक जगह टिक कर कार्य नहीं कर पाते। अधिकतर तोल-मोल कर बात करते हैं और एकांतप्रिय, तपस्या व तप पसंद करते हैं। ऐसे जातक गंभीर, भावुक, संवेदनशील, उच्चाभिलाषी, सेवाधर्मी, मननशील एवं धार्मिक प्रवृत्ति वाले होते हैं।

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