Aaj Ka Panchang 17 March 2026 : आज का पंचांग 17 मार्च 2026, मंगलवार: जानें आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल, दिशा शूल, शुभ चौघड़िया, मास शिवरात्रि, भद्रा और पंचक की पूरी जानकारी। साथ ही यात्रा के उपाय और आज जन्मे बच्चों के नामाक्षर भी जानें।
Aaj Ka Panchang 17 March 2026 : आज का पंचांग 17 मार्च 2026 (मंगलवार): हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज शतभिषा नक्षत्र, सिद्ध योग और तैतिल करण का प्रभाव रहेगा। साथ ही मास शिवरात्रि, भद्रा और पंचक का विशेष योग बन रहा है। आज के पंचांग में राहु काल, शुभ चौघड़िया, दिशा शूल और यात्रा से जुड़े उपाय भी बताए गए हैं, जिससे आप अपने महत्वपूर्ण कार्य सही समय पर कर सकें।
विक्रम संवत् 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 27 रमजान
अयन – उत्तरायण
ऋतु – बसंत ऋतु
मास – चैत्र
पक्ष – कृष्ण
| चौघड़िया प्रकार | प्रारम्भ समय | समाप्ति समय | अवधि | कार्य का महत्व |
|---|---|---|---|---|
| चर | 09:37 AM | 11:06 AM | 1 घंटा 29 मिनट | सामान्य व चल कार्यों के लिए शुभ |
| लाभ | 11:06 AM | 12:35 PM | 1 घंटा 29 मिनट | लाभ, व्यापार, निवेश के लिए अच्छा |
| अमृत | 12:35 PM | 02:05 PM | 1 घंटा 30 मिनट | अत्यंत शुभ, सभी मंगल कार्यों के लिए |
| शुभ | 03:34 PM | 05:03 PM | 1 घंटा 29 मिनट | नए कार्य, पूजा, शुभ शुरुआत |
दिशा शूल - आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि उत्तर दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व गुड़, केले अथवा काञ्जीबड़ा का सेवन करके, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 3.00 से 4.30 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मीठे पेय पदार्थ सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – त्रयोदशी तिथि दिन 9.23 तक रहेगी तदुपरान्त चतुर्दशी तिथि होगी ।
नक्षत्र – शतभिषा नक्षत्र अगले दिन सूर्योदय पूर्व 6.09 तक होगा तदुपरान्त पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र होगा ।
योग – सिद्ध योग दिन 8.15 तक रहेगा तदुपरान्त साध्य योग अगले दिन सूर्योदय पूर्व 6.22 तक रहेगा तदुपरान्त शुभ योग रहेगा ।
करण – तैतिल करण दिन 9.23 तक रहेगा तदुपरान्त गर करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 9-23 से रात्रि 8-55 तक, मास शिवरात्रि, पंचक, वारुणी पर्व दिन 9-23 तक, शबे कदर (मु.)
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कुंभ राशि में होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कुंभ होगी ।
आज अगले दिन सूर्योदय पूर्व 6.09 तक जन्म लेने वाले बच्चों का शतभिषा नक्षत्र होगा तदुपरान्त पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र होगा ।
आज अगले दिन सूर्योदय पूर्व 6.09 तक जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा तदुपरान्त लौह पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर गो, सा, सी, सू, से पर रखे जा सकते हैं।
कुम्भ का स्वामी भी शानि हैं। इनका स्वभाव दयावान, निस्वार्थ, स्वतंत्रताप्रिय, कल्पना शील और देश-विदेश घूमने के शौकीन होते हैं। ये लोग सेल्समेन, वकील व जज होते हैं। ये जातक उच्चाधिकारी, उच्चपदासीन, क्रय-विक्रय, प्रोफेसर, जज-वकील, उच्चपदवी या धनी व्यापारी होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, साधन-सम्पन्न, तीव्र स्मरण-शक्ति एवं गंभीर प्रकृति वाले होते हैं। ये जातक दुसरो के प्रति दयाभाव रखने वाला, परोपकारी एवं निस्वार्थ भाव से सेवा करने में तत्प्रर होते हैं। ये जातक स्वाभिमानी, स्वतंत्रताप्रिय एवं नए-नए मित्र बनाने में भी पीछे नहीं हटते। जातक उद्योगी, उधमी, परिश्रमी और इनमें प्रबन्धात्मक योग्यता विशेष होती हैं।