Aaj Ka Panchang 19 March 2026: आज का पंचांग 19 मार्च 2026 (गुरुवार) में जानें अमावस्या तिथि, प्रतिपदा प्रारंभ, बसंत नवरात्र, घट स्थापना, गुड़ी पड़वा, राहुकाल (1:30–3:00), शुभ चौघड़िया, दिशा शूल, सर्वार्थसिद्धि योग और आज के सभी शुभ-अशुभ समय व उपाय।
Aaj Ka Panchang 19 March 2026: आज का पंचांग 19 मार्च 2026, गुरुवार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन अमावस्या के बाद नव संवत्सर 2083 का प्रारंभ, बसंत नवरात्र की शुरुआत, घट स्थापना और गुड़ी पड़वा जैसे कई शुभ पर्व एक साथ मनाए जा रहे हैं। साथ ही आज सर्वार्थसिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इस पंचांग में आपको आज के सभी शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, दिशा शूल और उपायों की संपूर्ण जानकारी मिलेगी।
विक्रम संवत् - 2083 प्रारंभ
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 29 रमजान
अयन – उत्तरायण
ऋतु – बसंत ऋतु
मास – चैत्र
पक्ष – कृष्ण
| क्रम | चौघड़िया प्रकार | समय अवधि | कार्य की स्थिति |
|---|---|---|---|
| 1 | शुभ | सूर्योदय – 08:06 | शुभ कार्य हेतु उत्तम |
| 2 | चर | 11:05 – 12:35 | सामान्य/चल कार्य हेतु |
| 3 | लाभ | 12:35 – (अगले भाग तक) | लाभदायक कार्य हेतु |
| 4 | अमृत | (लाभ के बाद) – 15:34 | अत्यंत शुभ/श्रेष्ठ |
| 5 | शुभ | 17:04 – सूर्यास्त | शुभ कार्य हेतु उत्तम |
दिशा शूल - आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि दक्षिण दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पहले थोड़ा फलाहार करके या दही सेवन करके, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 1.30 से 3.00 तक रहेगा.
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो केले का सेवन करके कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – अमावस्या तिथि प्रातः 6.53 तक रहेगी तदुपरान्त प्रतिपदा तिथि अंतरात्रि 4.53 तक होगी तदुपरान्त द्वितीया तिथि होगी ।
नक्षत्र – उत्तराभाद्रपद नक्षत्र अंतरात्रि 4.05 तक होगा तदुपरान्त रेवती नक्षत्र होगा ।
योग – शुक्ल योग रात्रि 1.17 तक रहेगा तदुपरान्त ब्रह्म योग रहेगा ।
करण – नाग करण प्रातः 6.53 तक रहेगा तदुपरान्त किंस्तुघ्न करण रहेगा।
विशिष्ट योग – महापात योग प्रातः 7-25 तक, सर्वार्थसिद्धि योग अंतरात्रि 4.05 से प्रारम्भ
व्रत / दिवस विशेष – चैत्री व देवकार्य अमावस्या , चांद्र संवत्सर 2082 विक्रमी समाप्त, पंचक, प्रतिपदा तिथि क्षय, चाद्र संवत्सर 2083 विक्रमी प्रारंभ, बसंत नवरात्र शुरू, घट स्थापना, कल्पादि, चैत्र शुक्लादि, गुड़ी पड़वा, श्री गोतम जयंती, संवत्सर फल श्रवण, ध्वजारोहण, गुरु हरगोविन्द सिंह पुण्य दिवस (नवीन मत से), गंडमूल प्रारंभ अंतरात्रि 4-05 से प्रारम्भ,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि मीन राशि में होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मीन होगी ।
आज अंतरात्रि 4.05 तक जन्म लेने वाले बच्चों का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र होगा तदुपरान्त रेवती नक्षत्र होगा ।
आज अंतरात्रि 4.05 तक जन्मे बच्चों का लौह पाद होगा तदुपरान्त स्वर्ण पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर से, सो, द, दी, दू, दे पर रखे जा सकते हैं।
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं इस राशि के बच्चे सौम्य, गंभीर स्वभाव वाले, बुद्धिमान, विवेकी, ज्ञानी, धार्मिक, परोपकारी, साहित्य प्रेमी, आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, सज्जन, कल्पनाशील, उच्चाकांक्षी, स्वाभिमानी चंचल होते हैं। अपनी मान-मर्यादा एवं प्रतिष्ठा का विशेष ध्यान भी रखने वाले होते है. समाज सुधारक व अध्यापन सम्बन्धी कार्यो में सफल होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, गंभीर एवं सौम्य प्रकृति, परोपकारी कार्य करने में तत्पर सत्यप्रिय, धार्मिक, धर्म-कर्म एवं आध्यात्म, साहित्य एवं गूढ़विधायो की ओर विशेष अभिरुचि रखने वाले होते हैं।