Aaj Ka Panchang 26 April 2026 (Sunday) : आज का पंचांग 26 अप्रैल 2026 रविवार: दशमी तिथि, मघा नक्षत्र, वृद्धि योग, शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, तथा 27 अप्रैल से 3 मई 2026 तक के व्रत-त्योहार और महत्वपूर्ण योगों की पूरी जानकारी पढ़ें।
Aaj Ka Panchang 26 April 2026 (Sunday) : 26 अप्रैल 2026, रविवार का यह विस्तृत पंचांग आपको दिनभर के सभी शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, दिशा शूल और चौघड़िया की सटीक जानकारी प्रदान करता है। आज दशमी तिथि और मघा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है, साथ ही वृद्धि योग दिन को और अधिक महत्वपूर्ण बना रहा है।
पंडित मुकेश भारद्वाज के अनुसार यदि आप आज कोई नया कार्य, यात्रा, पूजा या मांगलिक कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो इस पंचांग में दिए गए शुभ चौघड़िया (चर, लाभ, अमृत, शुभ) आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।
इसके साथ ही इस लेख में 27 अप्रैल से 3 मई 2026 तक के प्रमुख व्रत-त्योहार जैसे मोहिनी एकादशी, Narasimha Jayanti, Buddha Purnima और अन्य महत्वपूर्ण योगों की जानकारी भी दी गई है, जिससे आप पूरे सप्ताह की योजना आसानी से बना सकते हैं।
| क्रम | चौघड़िया प्रकार | समय | उपयोग |
|---|---|---|---|
| 1 | चर | 07:34 – 09:11 | सामान्य व शुभ कार्य आरंभ |
| 2 | लाभ | 09:11 – 10:48 | धन, व्यापार, लाभकारी कार्य |
| 3 | अमृत | 10:48 – 12:25 | अत्यंत शुभ, सभी कार्यों के लिए श्रेष्ठ |
| 4 | शुभ | 14:02 – 15:39 | मांगलिक व शुभ कार्य |
दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – दशमी तिथि सायं 6.07 तक होगी तदुपरान्त एकादशी तिथि होगी ।
नक्षत्र – मघा नक्षत्र रात्रि 8.27 तक होगा तदुपरान्त पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र होगा ।
योग – वृद्धि योग रात्रि 10.28 तक रहेगा तदुपरान्त ध्रुव योग रहेगा ।
करण – तैतिल करण प्रातः 6.17 तक रहेगा तदुपरान्त गर करण रहेगा।
विशिष्ट योग – यमघंट योग सूर्योदय से रात्रि 8-27 तक, रवियोग रात्रि 8-27 तक
व्रत / दिवस विशेष – श्री महावीर स्वामी कैवल्य ज्ञान (जैन), विवाह मुहूर्त्त मघा में, गंडमूल रात्रि 8-27 तक,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि सिंह राशि में होगा ।
| तिथि | वार | प्रमुख योग/घटना | अन्य विवरण |
|---|---|---|---|
| 27.04.2026 | सोमवार | मोहिनी एकादशी व्रत | भद्रा (06:11–18:16), सूर्य भरणी नक्षत्र प्रवेश (01:18 रात्रि), शुक्र रोहिणी नक्षत्र प्रवेश (21:03), हित हरिवंश जयंती, लक्ष्मी नारायण जयंती |
| 28.04.2026 | मंगलवार | परशुराम द्वादशी | राधा रुक्मिणी द्वादशी, त्रिपुष्कर योग (सूर्योदय–18:52) |
| 29.04.2026 | बुधवार | प्रदोष व्रत | ग्रीष्मोत्सव प्रारंभ (Mount Abu), अगस्त्य नक्षत्र अस्त (04:35), सर्वार्थसिद्धि योग (सूर्योदय–00:16), रवियोग (00:16 से), विवाह मुहूर्त (चित्रा) |
| 30.04.2026 | गुरुवार | नृसिंह जयंती | भद्रा (21:13 से), बुध अश्विनी नक्षत्र मेष में प्रवेश (06:52), छिन्नमस्ता जयंती, Adi Shankaracharya कैलाश गमन, Guru Amar Das जयंती, रवियोग (02:17 तक), विवाह मुहूर्त |
| 01.05.2026 | शुक्रवार | बुद्ध पूर्णिमा | भद्रा (10:03 तक), वैशाखी पूर्णिमा, सत्यपूर्णिमा, Gautama Buddha जयंती, International Workers' Day, मेला (Sambhar Lake), कूर्म जयंती, ग्रीष्मोत्सव समाप्त (Mount Abu), कुमारयोग |
| 02.05.2026 | शनिवार | नारद जयंती | बुध अस्त (00:56), व्यतिपात पुण्य, Guru Arjan Dev जयंती, त्रिपुष्कर योग (00:50 से) |
| 03.05.2026 | रविवार | त्रिपुष्कर योग | (07:10 तक), राजयोग (07:10 से सूर्योदय तक) |
सिंह राशि के स्वामी सूर्य है। इस राशि के बच्चे निडर, साहसी, दयालु, ऐश्वर्यशाली, शत्रुहन्ता होते हैं. ये अग्नि तत्व की राशि हैं, जिससे इनको गुस्सा जल्दी आ जाता हैं परंतु नर्म भी जल्दी हो जाते हैं। ये पराक्रमी व बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं और बड़े काम से घबराते नहीं हैं। इनमें नैसर्गिक नेतृत्त्व क्षमता होती है.