Aaj Ka Panchang 28 April 2026 : आज का पंचांग 28 अप्रैल 2026: जानें आज के शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, नक्षत्र, योग और त्रिपुष्कर योग की पूरी जानकारी। साथ ही जानें आज जन्मे बच्चों की राशि, नामाक्षर और स्वभाव।
Aaj Ka Panchang 28 April 2026 : आज का पंचांग 28 अप्रैल 2026: जानें आज के शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, नक्षत्र, योग और त्रिपुष्कर योग की पूरी जानकारी। साथ ही जानें आज जन्मे बच्चों की राशि, नामाक्षर और स्वभाव। मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 का पंचांग आपके दिन की शुरुआत को शुभ और योजनाबद्ध बनाने में सहायक है। आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है, जिसमें त्रिपुष्कर योग जैसे विशेष शुभ संयोग बन रहे हैं।
आज के दिन चर, लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया के समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, जिनमें नए कार्य, निवेश, यात्रा या पूजा-पाठ शुरू करना शुभ माना जाता है। साथ ही राहुकाल, दिशा शूल और नक्षत्र की जानकारी आपको दिनभर के कार्यों को सही समय पर करने में मार्गदर्शन देगी।
पंडित मुकेश भारद्वाज से कहा , यदि आज किसी बच्चे का जन्म होता है, तो उसकी राशि, नक्षत्र और नामाक्षर से जुड़ी जानकारी भी इस पंचांग में दी गई है, जो भविष्य की योजना बनाने में सहायक होती है।
| चौघड़िया प्रकार | समय (से) | समय (तक) | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| चर | 09:10 | 10:47 | सामान्य शुभ कार्य के लिए ठीक |
| लाभ | 10:47 | 12:24* | अत्यंत शुभ |
| अमृत | 12:24* | 02:02 | सबसे शुभ |
| शुभ | 03:39 | 05:16 | शुभ कार्यों के लिए अच्छा |
दिशा शूल - आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 3.00 से 4.30 तक
तिथि – द्वादशी तिथि सायं 6.52 तक होगी तदुपरान्त त्रयोदशी तिथि होगी ।
नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रात्रि 10.36 तक होगा तदुपरान्त हस्त नक्षत्र होगा ।
योग – व्याघात योग रात्रि 9.04 तक रहेगा तदुपरान्त हर्षण योग रहेगा ।
करण – बव करण प्रातः 6.34 तक रहेगा तदुपरान्त बालव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – त्रिपुष्कर योग सूर्योंदय से सायं 6-52 तकव्रत / दिवस विशेष – परशुराम द्वादशी, राधा रूक्मणी द्वादशी,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कन्या राशि में होगा ।
कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं। ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं और अच्छे लेखक भी होते हैं। इनकी वाणी व वाक् शक्ति में कुशलता होती हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं। संगीत, कला-साहित्य, प्रियभाषी, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय में कुशल होते हैं।