धर्म/ज्योतिष

Panchang: आज का पंचांग 28 फरवरी 2026: त्रिपुष्कर योग और पुष्य नक्षत्र का महासंगम, इन शुभ मुहूर्त में शुरू करें नया काम

Aaj ka Panchang 28 February 2026 : आज का पंचांग 28 फरवरी 2026 (शनिवार) जानें – द्वादशी तिथि, पुनर्वसु/पुष्य नक्षत्र, राहुकाल, शुभ चौघड़िया, दिशा शूल, त्रिपुष्कर योग और कर्क राशि में चंद्रमा की स्थिति। शुभ मुहूर्त और उपाय की पूरी जानकारी पढ़ें।
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Feb 27, 2026
Aaj ka Panchang 28 February
Aaj ka Panchang 28 February : आज का पंचांग 28 फरवरी 2026 (फोटो सोर्स: Patrika)

Aaj ka Panchang 28 February 2026 : आज शनिवार, 28 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज विक्रम संवत् 2082, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। फाल्गुन मास में आने वाली यह तिथि पुण्यदायी मानी जाती है। आज पुनर्वसु नक्षत्र के बाद पुष्य नक्षत्र का प्रवेश होगा, साथ ही सौभाग्य और शोभन योग का संयोग बन रहा है। विशेष रूप से सूर्योदय से प्रातः 9:35 तक त्रिपुष्कर योग का प्रभाव रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। चंद्रमा आज कर्क राशि में संचार करेगा, जिससे भावनात्मक और पारिवारिक विषयों पर विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है। राहुकाल, दिशा शूल और शुभ चौघड़िया का ध्यान रखकर दिन की शुरुआत करना अधिक फलदायी रहेगा। धार्मिक दृष्टि से आज गोविन्द द्वादशी, जयंती महा द्वादशी व्रत तथा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर भी हैं।

आज का पंचांग शनिवार, 28 फरवरी, 2026 | Aaj ka Panchang 28 February 2026

क्रमांकविवरणजानकारी
1विक्रम संवत्2082
2संवत्सर नामसिद्धार्थ
3शक संवत्1947
4हिजरी सन्1447
5मु. मास10 रमजान
6अयनउत्तरायण
7ऋतुबसंत ऋतु
8मासफाल्गुन
9पक्षशुक्ल

आज का चौघड़िया | Aaj Ka Choghadiya

आज शुभ का चौघड़िया 8.22 से 9.48 तक रहेगा. चर का चौघड़िया 12.40 से 2.05 तक रहेगा तथा लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 2.05 से 4.57 तक रहेंगे. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

दिशा शूल - आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

उपाय - यदि पूर्व दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व उड़द अथवा तैल से बनी वस्तु अथवा तिल सेवन करके, प्रातःकाल गायों को चारा खिलाकर, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।

राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 9.00 से 10.30 तक

उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो तले हुए या कुरकुरे, चटपटे भोज्य पदार्थ का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।

तिथि – द्वादशी तिथि रात्रि 8.44 तक होगी तदुपरान्त त्रयोदशी तिथि होगी ।

नक्षत्र – पुनर्वसु नक्षत्र दिन 9.35 तक होगा तदुपरान्त पुष्य नक्षत्र होगा ।

योग – सौभाग्य योग सायं 5.02 तक रहेगा तदुपरान्त शोभन योग रहेगा ।

करण – बव करण दिन 9.38 तक रहेगा तदुपरान्त बालव करण रहेगा।

विशिष्ट योग – त्रिपुष्कर योग सूर्योदय से दिन 9-35 तक

व्रत / दिवस विशेष – गोविन्द द्वादशी, जयंती महा द्वादशी व्रत, मेला श्याम बाबा खाटू समाप्त (राज.). डाँ.राजेन्द्र प्रसाद पुण्य दिवस, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस,

चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कर्क राशि में होगा ।

ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कर्क होगी ।
आज दिन 9.35 तक जन्म लेने वाले बच्चों का पुनर्वसु नक्षत्र होगा तदुपरान्त पुष्य नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर ही, हू, हे, हो, डा पर रखे जा सकते हैं।

कर्क राशि के स्वामी चन्द्र हैं. यह जल प्रधान राशि है. ये बहुत भावुक होते हैं. भावनाओं के आवेग में बहने के करण चंचल प्रकृति के और बार बार निर्णय बदलने वाले हो सकते हैं. सुन्दर व आकर्षक होते है. व्यवहार मिलनसार होता है. कला, संगीत, साहित्य प्रेमी, कल्पनाशील, धार्मिक, दयालु, सहृदय, ईमानदार होते हैं. ऐसे बच्चे सभी के मनोभावों को आसानी से समझने वाले होते हैं. ये प्राकृतिक सौंदर्य, कला-संगीत व् साहित्य में विशेष रूचि रखते हैं तथा सौंदर्यानुभूति भी विशेष रूप से रखते हैं। ऐसा जातक परिस्थितियों के अनुसार ढ़ल जाने वाला, प्यार सम्बन्धो में सच्चा, ईमानदार और सहृदय-दयालु प्रकृति का होता हैं। ऐसा जातक दिल से जिस काम को करना चाहे कर ही लेता हैं। इनके आय के साधन एक से अधिक होते हैं। इनकी कल्पना शक्ति प्रबल होती हैं। अन्य पुरुष के भावो को शीघ्र समझ लेने की विशेष क्षमता होती हैं।

Published on:
27 Feb 2026 12:29 pm