धर्म/ज्योतिष

Abujh Muhurat 2026: अक्षय तृतीया ही नहीं, साल के ये 4 दिन बिना मुहूर्त के भी हर काम को बनाते हैं सफल

Abujh Muhurat Kaun Kaun Se Hain: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में शुभ मुहूर्त का बहुत बड़ा महत्व होता है। किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले सही समय का चयन करना जरूरी माना जाता है। लेकिन साल में कुछ ऐसे खास दिन भी होते हैं, जिन्हें बिना मुहूर्त के भी बेहद शुभ माना जाता है।
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Updated: 16 Apr 2026, 4:29 PM IST
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Akshaya Tritiya Abujh Muhurat| Freepik

Abujh Muhurat 2026: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले मुहूर्त देखने की परंपरा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन कुछ दिन ऐसे भी होते हैं जब इसकी आवश्यकता नहीं पड़ती। इन्हें अबूझ मुहूर्त कहा जाता है, जो अपने आप में अत्यंत शुभ और फलदायी माने जाते हैं। इन खास दिनों में बिना किसी गणना के विवाह, गृह प्रवेश या नई शुरुआत करना भी शुभ माना जाता है। अधिकतर लोग केवल अक्षय तृतीया को ही जानते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कुछ और दिन हैं जो उतने ही प्रभावशाली होते हैं। आइए जानते हैं साल के उन 4 अबूझ मुहूर्तों के बारे में, जो हर काम को सफल बना सकते हैं।

क्या होता है अबूझ मुहूर्त?

हिंदू ज्योतिष में कुछ ऐसे विशेष दिन माने गए हैं, जिन्हें “अबूझ मुहूर्त” या “स्वयंसिद्ध मुहूर्त” कहा जाता है। इन दिनों में किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए अलग से मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं होती। मान्यता है कि इस समय सूर्य और चंद्रमा की स्थिति इतनी अनुकूल होती है कि नकारात्मक ग्रह प्रभाव स्वतः समाप्त हो जाते हैं। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, नया व्यापार या कोई भी मांगलिक कार्य बिना झिझक किया जा सकता है।

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा

हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होती है। यह दिन सृजन और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि भी आरंभ होती है, जो सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति का माहौल बनाती है। इस दिन नया व्यवसाय शुरू करना, लक्ष्य निर्धारित करना या जीवन में नई दिशा लेना अत्यंत शुभ माना जाता है।

राम नवमी

चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन राम नवमी आती है, जिसे भगवान श्रीराम के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती। सगाई, खरीदारी या बच्चों के संस्कार जैसे कार्यों के लिए यह दिन बेहद शुभ होता है।

अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया को साल का सबसे महत्वपूर्ण अबूझ मुहूर्त माना जाता है। “अक्षय” का अर्थ है जो कभी समाप्त न हो। इस दिन किए गए दान, निवेश या शुभ कार्य का फल अनंत समय तक मिलता है। यही कारण है कि इस दिन विवाह, सोना खरीदना और गृह प्रवेश जैसे कार्य बड़ी संख्या में किए जाते हैं।

विजयादशमी

दशहरा, यानी विजयादशमी, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन “विजय मुहूर्त” होता है, जो हर कार्य में सफलता का संकेत देता है। नए काम की शुरुआत, वाहन खरीद या शिक्षा प्रारंभ करने के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।

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16 Apr 2026, 4:29 PM IST
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