Chandra Grahan 2026 August : 27-28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसे स्टर्जन मून कहा जाता है। करीब 93% चंद्रमा पृथ्वी की छाया में ढक जाएगा। जानें समय, अवधि, कहां दिखाई देगा और भारत में इसका असर।
Chandra Grahan 2026 August : साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है। 3 मार्च 2026 में होली पर दिखाई देने वाले ब्लड मून के बाद अब दुनिया की नजरें अगस्त में लगने वाले साल के दूसरे और आखिरी चंद्र ग्रहण पर टिकी हैं। 27-28 अगस्त 2026 को लगने वाला यह आंशिक चंद्र ग्रहण अपने आप में बेहद अनोखा होगा, क्योंकि इस दौरान चंद्रमा का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया (Umbra) में छिप जाएगा। यही वजह है कि यह ग्रहण देखने वालों को लगभग पूर्ण चंद्र ग्रहण जैसा दृश्य देगा, जहां चांद का अधिकांश भाग तांबे जैसा लाल दिखाई देगा। आपको बता दें कि इस बार सूतक नहीं लगेगा लेकिन राशियों पर इसका गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि खगोलीय रूप से यह घटना बेहद रोमांचक है, लेकिन भारत के लोगों के लिए यह दृश्य दिखाई नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण उस समय पृथ्वी के दूसरे हिस्सों में नजर आएगा।
अगस्त के महीने में लगने वाला यह ग्रहण आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा। इसे स्टर्जन मून भी कहा जाता है। खगोलविदों के अनुसार, यह ग्रहण इतना गहरा होगा कि चंद्रमा का लगभग 93% हिस्सा पृथ्वी की काली छाया (Umbra) में छिप जाएगा। देखने वालों को यह बिल्कुल पूर्ण चंद्र ग्रहण जैसा ही अहसास कराएगा, जहां चंद्रमा का एक कोना चमकता हुआ और बाकी हिस्सा गहरा लाल दिखाई देगा।
समय और अवधि: 339 मिनट
यह ग्रहण कोई छोटा-मोटा वाकया नहीं है। इसकी पूरी प्रक्रिया (शुरू से अंत तक) लगभग 5 घंटे 39 मिनट तक चलेगी।
उपछाया ग्रहण शुरू: 28 अगस्त, 01:23 UTC
आंशिक ग्रहण का चरम (Peak): 28 अगस्त, 04:41 UTC (जब 93% चांद ढक जाएगा)
समाप्ति: 28 अगस्त, 07:02 UTC
यहां भारतीय लोगों के लिए थोड़ी निराशाजनक खबर है। ज्योतिषीय और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, 28 अगस्त का यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और पूर्वी प्रशांत महासागर के हिस्सों में नजर आएगा।
खास बात: चूंकि यह भारत में दृश्य नहीं है, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। आप बिना किसी धार्मिक पाबंदी के अपने रोजमर्रा के काम कर सकेंगे।
अगस्त का यह ग्रहण कुंभ राशि (Aquarius) में लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में कुंभ राशि लाभ और बदलाव की राशि मानी जाती है।
किस्मत चमकेगी: मिथुन, तुला और कुंभ राशि वालों के लिए यह समय धन लाभ के नए दरवाजे खोल सकता है।
सावधानी: मेष और सिंह राशि वालों को इस दौरान निवेश या बड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचना चाहिए।
यह साल 500 साल बाद एक ऐसा दुर्लभ संयोग लेकर आया है जहां दो बड़े चंद्र ग्रहणों के साथ-साथ एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (12 अगस्त 2026) भी लग रहा है। हालांकि, भारत को एक स्पष्ट और बड़ा चंद्र ग्रहण देखने के लिए अब 2028 तक का इंतजार करना होगा।
फैक्ट्स:
बिना चश्मे के देखें: सूर्य ग्रहण के उलट, चंद्र ग्रहण को आप अपनी नंगी आंखों से देख सकते हैं, यह पूरी तरह सुरक्षित है।
लाल क्यों दिखता है चांद? पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली सूरज की रोशनी जब चांद पर पड़ती है, तो नीला रंग बिखर जाता है और केवल लाल रंग चांद तक पहुंचता है, जिससे वह तांबे जैसा लाल दिखता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।