Karwa Chauth 2025 Yog: इस बार करवा चौथ पर दो दुर्लभ महासंयोग बन रहा है, जो व्रत को और भी अधिक फलदायक बनाता है।इस संयोग को अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और सफलता का प्रतीक माना जा रहा है।
Karwa Chauth 2025 Yog: करवा चौथ 2025 का पर्व इस बार बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि 10 अक्टूबर 2025 को करीब 200 साल बाद एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार करवा चौथ पर सिद्धि और शिववास का महासंयोग बन रहा है, जो व्रत को और भी अधिक फलदायक बनाता है।इस संयोग को अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और सफलता का प्रतीक माना जा रहा है।यह पर्व नारी शक्ति, प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक माना जाता है और विशेष रूप से उत्तर भारत के राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, और हरियाणा में बड़े श्रद्धा-भाव से मनाया जाता है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी खास जानकारियां।
इस करवा चौथ पर दो अत्यंत शुभ योगों का संयोग बन रहा है सिद्धि योग और शिववास योग। दोनों ही योग अत्यंत दुर्लभ और पूजन के लिए अत्यंत प्रभावशाली माने जाते हैं।
10 अक्टूबर 2025 को शाम 5:41 बजे तक सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो किसी भी कार्य में पूर्ण सफलता दिलाने वाला माना जाता है। इस विशेष योग में किया गया व्रत, पूजा और संकल्प अत्यधिक फलदायक होते हैं, जिससे व्रती को पूर्ण फल और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
"शिववास" का अर्थ होता है भगवान शिव का कैलाश पर विश्राम करना, और धार्मिक मान्यता है कि इस समय किया गया पूजन अत्यंत शुभ और फलदायी होता है। करवा चौथ के दिन यदि यह योग बनता है, तो भगवान शिव, मां पार्वती, गणेश जी और चंद्रमा की विधिपूर्वक पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
इस बार करवा चौथ पर जिन राशियों पर विशेष कृपा बरसने की संभावना है, उनमें कुंभ, वृषभ, कर्क, तुला, और मीन प्रमुख हैं। इन राशि वालों को इस दिन धन लाभ, करियर में उन्नति और पारिवारिक सुख में वृद्धि के योग बनते दिख रहे हैं।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता सती ने भगवान शिव के लिए ही करवा चौथ का व्रत रखा था। यही परंपरा कालांतर में सुहागिनों द्वारा निभाई जाने लगी। इस दिन भगवान गणेश, मां गौरी, भगवान शिव और चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस व्रत से न केवल पति का आयुष्य बढ़ता है बल्कि जीवन में हर बाधा दूर होकर सौभाग्य की प्राप्ति होती है।