धर्म/ज्योतिष

18 सितंबर तक अस्त रहेंगे बुध: व्यापार में बरतनी पड़ेगी सावधानी, वाणी पर करना होगा कंट्रोल

Budh Gochar 2026 : बुध का नवग्रहों में विशेष स्थान, वैदिक ज्योतिष में बुद्धि, व्यापार, तर्क और संचार के कारक ग्रह
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Aug 18, 2026
mercury to remain combust from august 18 to september 18
बुध ग्रह

Budh Asta 2026 : बुध को वैदिक ज्योतिष में नवग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। वे बुद्धि, व्यापार, तर्क और संचार के कारक ग्रह माने जाते हैं। बुध 18 अगस्त को सुबह 5.05 बजे अस्त हो गए हैं। उनकी यह अवस्था 18 सितंबर तक रहेगी। बुध के अस्त होने का व्यापार जगत पर खासा असर होगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जिनकी कुंडली में भी बुध अस्त हैं, उन्हें अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। कुछ राशियों के जातकों के लिए बुध का यह गोचर जहां बेहद लाभकारी साबित हो सकता है वहीं कुछ अन्य लोगों को इससे नुकसान होने की भी आशंका है। बुध की अस्त अवस्था में जहां व्यापार में सावधानी बरतनी चाहिए वहीं वाणी पर भी कंट्रोल करना होगा। इस अवधि में बुध देव से लाभ उठाने के लिए उनके बीज मंत्रों का जाप करें और गणेशजी की विधि विधान से पूजा करें।

जब कोई ग्रह सूर्यदेव के अति समीप आ जाता है तो वह अस्त हो जाता है

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि जब कोई ग्रह सूर्यदेव के अति समीप आ जाता है तो वह अस्त हो जाता है। ऐसे में उसका प्रभाव क्षीण हो जाता है। अस्त होनेवाले ग्रह का परिणाम, सूर्य के अनुसार मिलता है। द्रिक पंचांग के अनुसार 18 अगस्त यानी आज बुध ग्रह अस्त हो गए हैं। वे 31 दिनों तक अस्त अवस्था में रहेंगे।

बुध की यह स्थिति कई लोगों के लिए शुभ फलदायी भी

ज्योतिषीय गणना के अनुसार बुध ग्रह के अस्त हो जाने का करियर और व्यापार की दृष्टि से खासा महत्व है। अस्त होने से उसकी शक्ति में कमी आएगी इसलिए व्यापार जगत को सावधान रहना होगा। हालांकि बुध की यह स्थिति कई लोगों के लिए शुभ फलदायी भी सिद्ध होगी।

बुध अस्त का प्रभाव

सूर्य के बिल्कुल पास आ जाने से बुध की कारक शक्ति कमजोर हो गई है। इससे निर्णय लेने की क्षमता पर प्रभाव पड़ेगा, वाणी और व्यापार में सावधानी बरतनी पड़ेगी। कुछ जातकों के लिए यह गोचर तरक्की भी लाएगा।

ये सावधानियां रखें

बड़े व्यापारिक और वित्तीय फैसले बहुत सोच विचारकर लें।
लिखापढ़ी की पूरी जांच-परख करें, दस्तावेज ध्यान से पढ़ें।
कोई गलतफहमी उत्पन्न न हो, इसके लिए हर सौदा बिल्कुल साफतौर पर करें।
बातचीत या संचार (communication) में स्पष्टता रखें।

बुध ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सामान्य उपाय

बुधवार के दिन "ॐ बुधाय नमः" मंत्र का जाप करें।
गणेशजी की विधि विधान से पूजा करें।
"ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें।
दुर्वा (घास) या हरी वस्तु का दान करें।
नियमित रूप से दुर्गाजी की पूजा करें।

Updated on:
18 Aug 2026 01:59 pm
Published on:
18 Aug 2026 01:10 pm