धर्म/ज्योतिष

Moonga Pehenne Ke Niyam: मूंगा रत्न किन राशि वालों को पहनना चाहिए? जानें धारण करने का सही दिन, नियम और सावधानियां

Red Coral Stone for Aries: क्या मूंगा रत्न हर किसी के लिए शुभ होता है? जानिए किन राशियों के लिए यह लाभकारी माना जाता है, इसे पहनने का सही दिन, नियम और किन लोगों को बिना सलाह के इसे धारण नहीं करना चाहिए।
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Updated: 30 Jun 2026, 5:53 AM IST
Red Coral Stone Benefits & Wearing Rules
Moonga Pehenne Ke Niyam: मूंगा रत्न धारण करने की विधि (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Red Coral Stone Benefits and Wearing Rules: रत्न शास्त्र में मूंगे को लेकर लोगों की दिलचस्पी हमेशा से रही है। मंगल ग्रह, जिसे नवग्रहों का सेनापति कहते हैं, मूंगे से सीधा जुड़ा है। आमतौर पर जब किसी की कुंडली में मंगल कमजोर हो या मंगल दोष परेशान कर रहा हो, तो पंडित मूंगा पहनने की सलाह दे देते हैं। अब बात यह है कि अगर बिना सोचे-समझे या सिर्फ दूसरों की देखा-देखी मूंगा पहन लिया, तो फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है। मूंगे से जुड़े ये सारे नियम (Moonga Pehenne Ke Niyam) और इसकी असलियत जानना जरूरी है।

मूंगा रत्न क्या है?

बात करें वैज्ञानिक नजरिए से, तो मूंगा कोई आम रत्न नहीं है जिसे खदानों से निकाला जाए। मोती की तरह मूंगा भी समुद्र से आता है इसे ‘पॉलिप्स’ नाम के छोटे समुद्री जीव बनाते हैं। इसमें कैल्शियम कार्बोनेट ज्‍यादा होता है। जहां मोती अपनी नर्मी के लिए जाना जाता है, वहीं मूंगा अपने गहरे लाल रंग और चमक के लिए फेमस है।

किन राशि वालों को मूंगा पहनना चाहिए?

ज्योतिषाचार्य डॉ शरद शर्मा के अनुसार, अगर राशियों की बात करें, तो मूंगा मेष और वृश्चिक के लिए बेशकीमती है। वजह साफ है इन दोनों राशियों पर मंगल ग्रह राज करता है। इस रत्न को पहनने से व्यक्ति के अंदर साहस और नेतृत्व की ताकत बढ़ती है। कहा जाता है कि मूंगा पहनते ही अंदर छुपा डर भाग जाता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। कई ज्योतिषीय परंपराओं में मंगल ग्रह का संबंध भगवान हनुमान की उपासना से माना जाता है।

मूंगा पहनने के नुकसान कब होते हैं?

डॉ शरद शर्मा के अनुसार मूंगा केवल शौक में धारण न करें या किसी के कहने भर से न पहनें। असल में ज्योतिष के हिसाब से अगर कुंडली के छठे, आठवें या बारहवें भाव में मंगल ठीक स्थिति में नहीं है, तो मूंगा उल्टा असर दिखा सकता है। विवाद, चोट, अचानक हेल्थ प्रॉब्लम सब बढ़ सकते हैं।

मूंगा रत्न कैसे पहनें?

उम्र और बॉडी वेट के हिसाब से केवल अच्छा ज्योतिषी बता सकता है कम वजन वाला मूंगा बेअसर रहेगा, ज्यादा वजन वाला उल्टा असर दिखा देगा। और बाज़ार में मिलने वाला हर लाल पत्थर असली मूंगा नहीं होता। नकली मूंगा प्लास्टिक या केमिकल से तैयार होने लगे हैं। असली या नकली का फर्क केवल लैब रिपोर्ट से ही पता चलता है, इसीलिए खरीदारी में उतावले न हों।

मूंगा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?

मूंगा हमेशा सोने, तांबे या पंचधातु की अंगूठी में मंगलवार के दिन, शुक्ल पक्ष में सूर्योदय के बाद, हनुमान जी के चरणों के सिंदूर के साथ और ‘ॐ अं अंगारकाय नमः’ मंत्र के उच्चारण पर अनामिका उंगली में पहनना चाहिए।

एक जरूरी बात : अगर किसी को खून से जुड़ी कोई बीमारी है या बहुत गुस्सा आता है, तो बिना कुंडली दिखाए मूंगा मत छुएं। कुछ ज्योतिषाचार्य ऐसी स्थिति में व्यक्तिगत सलाह लेने की सलाह देते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं और उपलब्ध सामान्य जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी प्रकार का वैज्ञानिक, चिकित्सीय या निश्चित परिणाम का दावा करना नहीं है। किसी भी रत्न को धारण करने से पहले योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।

Updated on:
30 Jun 2026, 5:53 AM IST
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