इस लेख में 12 राशियों के अनुसार संभावित बीमारियों और उनके ज्योतिषीय उपायों की जानकारी दी गई है। सूर्य उपासना को सभी राशियों के लिए सबसे प्रभावी स्वास्थ्य उपाय बताया गया है।
ज्योतिष शास्त्र केवल भविष्य बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और जीवनशैली से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। ज्योतिष के अनुसार हर व्यक्ति की राशि किसी न किसी तत्व—अग्नि, पृथ्वी, वायु या जल से संबंधित होती है और वही तत्व व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक बनावट को प्रभावित करता है। यही कारण है कि अलग-अलग राशियों के लोगों को अलग-अलग तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ग्रहों की स्थिति इन समस्याओं को बढ़ा या कम कर सकती है, वहीं कुछ आसान उपाय अपनाकर इनसे काफी हद तक बचाव भी संभव है।
मेष राशि अग्नि तत्व की राशि मानी जाती है। इस राशि के लोगों में ऊर्जा भरपूर होती है, लेकिन इसी कारण इन्हें रक्त से जुड़ी समस्या, चोट लगने, दुर्घटना या सर्जरी की संभावना अधिक रहती है। आमतौर पर ये लोग जल्दी बीमार नहीं पड़ते, लेकिन अचानक होने वाली घटनाओं से इन्हें सावधान रहना चाहिए। मेष राशि वालों के लिए सूर्य देव की उपासना विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है, क्योंकि सूर्य इन्हें स्थिरता और संतुलन प्रदान करता है।
वृषभ राशि पृथ्वी तत्व से जुड़ी होती है। इस राशि के लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं, एलर्जी और वाणी पर नियंत्रण की कमी देखने को मिल सकती है। कभी-कभी इनके बोलने का तरीका ही परेशानी का कारण बन जाता है। वृषभ राशि वालों को भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए और अपने शरीर में जल तत्व को संतुलित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
मिथुन राशि वायु तत्व की प्रतिनिधि होती है। इस राशि के लोगों को भ्रम, मानसिक दुविधा, सांस से जुड़ी समस्या और संक्रमण जल्दी परेशान कर सकते हैं। ये लोग मानसिक रूप से बहुत सक्रिय होते हैं, जिससे बेचैनी बढ़ जाती है। ध्यान और मेडिटेशन इनके लिए बेहद लाभकारी होता है। साथ ही मीठे का सेवन कम करने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
कर्क राशि जल तत्व से जुड़ी होती है, इसलिए इस राशि के लोगों को मानसिक तनाव और पेट से संबंधित परेशानियां अधिक होती हैं। ये लोग भावनात्मक रूप से बहुत संवेदनशील होते हैं और छोटी-छोटी बातों को दिल से लगा लेते हैं। भगवान शिव की उपासना और सफेद रंग का अधिक प्रयोग इनके मन और शरीर को शांति देता है।
सिंह राशि भी अग्नि तत्व की राशि है। इस राशि के लोगों को आंखों, हड्डियों और दुर्घटना से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। आत्मविश्वास इनकी ताकत है, लेकिन कभी-कभी यही जोखिम का कारण बन जाता है। सूर्य देव की नियमित उपासना करने से इनका स्वास्थ्य मजबूत बना रहता है।
कन्या राशि पृथ्वी तत्व से संबंधित होती है। इस राशि के लोगों को एलर्जी, संक्रमण और मानसिक आक्रामकता परेशान कर सकती है। ये लोग जरूरत से ज्यादा सोचने लगते हैं, जिससे तनाव बढ़ता है। पेड़-पौधे लगाना और बुजुर्गों की सेवा करना इनके लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
तुला राशि वायु तत्व की होती है। इन्हें सांस, फेफड़ों और असंतुलित जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। शनिदेव की उपासना से इनका जीवन संतुलित रहता है।
वृश्चिक राशि वालों में हार्मोनल असंतुलन और वजन बढ़ने की समस्या आम है। हनुमान जी की उपासना और दूध का सेवन इनके लिए लाभकारी माना जाता है।
धनु राशि के लोगों को डायबिटीज, आंखों और हड्डियों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। सूर्य को नियमित रूप से जल अर्पित करना इनके लिए जरूरी है।
मकर राशि वालों को दुविधा, पाचन और भावनात्मक असंतुलन परेशान करता है। शिव पूजा इन्हें मानसिक मजबूती देती है।
कुंभ राशि में हड्डियों और पेट की समस्या अधिक देखी जाती है। भगवान कृष्ण की उपासना से इन्हें राहत मिलती है।
मीन राशि वालों को पेट और शुगर से जुड़ी समस्या हो सकती है। खान-पान पर नियंत्रण और नियमित पूजा-पाठ जरूरी है।
ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रह सभी राशियों के स्वास्थ्य का मूल आधार माना जाता है। यदि व्यक्ति रोज सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करे और कुछ समय धूप में खड़ा रहे, तो शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और कई तरह की बीमारियों से बचाव संभव होता है। सूर्य उपासना न केवल शरीर को बल्कि मन को भी स्वस्थ बनाए रखने का सरल और प्रभावी उपाय है।