Solar Eclipse 2026: साल 2026 में खगोलीय घटनाओं की बात करें तो अगस्त का महीना खास होने वाला है। 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगेगा, जो कई देशों में दिन के समय आसमान को अंधेरा कर सकता है। यह एक कंकणाकृति (Annular) सूर्य ग्रहण होगा, हालांकि कुछ स्थानों पर इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण की तरह भी देखा जा सकेगा।
Solar Eclipse 2026:सूर्य ग्रहण को खगोलीय दृष्टि से बेहद रोचक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब सूर्य का प्रकाश आंशिक या पूर्ण रूप से ढक जाता है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। वर्ष 2026 में अमावस्या के दिन साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जिसे एक दुर्लभ खगोलीय घटना माना जा रहा है। इस दौरान कुछ स्थानों पर दिन में ही अंधेरा छाने जैसा दृश्य भी देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं इस सूर्य ग्रहण की सही तारीख, समय और इससे जुड़ी खास बातें।
12 अगस्त 2026 की रात 9 बजकर 4 मिनट से सूर्य ग्रहण की शुरुआत होगी और यह 13 अगस्त की सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य के सामने आ जाएगा और कुछ जगहों पर सूर्य का प्रकाश काफी कम हो जाएगा।
भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसका कारण यह है कि जिस समय यह ग्रहण लगेगा, उस समय भारत में रात होगी। इसलिए यहां के लोग इसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख पाएंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। लेकिन चूंकि 12 अगस्त का यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। ज्योतिष और धार्मिक मान्यता के अनुसार केवल वही ग्रहण प्रभावी माना जाता है जो उस क्षेत्र में दिखाई देता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार यह ग्रहण खगोल विज्ञान के लिहाज से काफी दिलचस्प रहेगा। कई देशों में दिन के समय अचानक अंधेरा छाने जैसा दृश्य देखने को मिल सकता है, जो आमतौर पर बहुत कम देखने को मिलता है।अगर आप खगोलीय घटनाओं में रुचि रखते हैं तो 12 अगस्त 2026 की तारीख जरूर याद रखें, क्योंकि यह दिन दुनिया के कई हिस्सों में एक अनोखा खगोलीय नजारा लेकर आएगा।