
Shani Asta 2025 Effects: जयपुर के ज्योतिषी डॉ. अनीष व्यास के अनुसार कुंभ राशि के स्वामी ग्रह शनि देव हैं। सभी नवग्रहों में इनकी चाल सबसे धीमी है और न्याय के देवता हैं। ऐसे में शनि का स्वयं की राशि में अस्त होना बहुत ही महत्वपूर्ण होगा। शनि इस समय कुंभ राशि में है। शनिदेव ने कुंभ राशि में 17 जनवरी 2023 को प्रवेश किया था और 29 मार्च 2025 को रात 9:41 पर मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि अस्त होने के बाद अपनी कमजोर अवस्था में रहेंगे। लेकिन इस समय सूर्य और शनि की युति कुंभ राशि में रहेगी। सूर्य और शनि एक दूसरे के शत्रु हैं, ऐसे में शनि अस्त होने के बाद भी कई राशियों को कष्ट पहुंचाने वाले हैं।
ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को न्याय और कर्मफल दाता माना जाता है। शनि ग्रह व्यक्ति को उसके द्वारा किए गए कर्मों के आधार पर शुभ-अशुभ फल प्रदान करते हैं। शनि अभी कुंभ राशि में संचरण कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक कुंडली में शनि की मजबूत स्थिति होने पर जातकों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइये जानते हैं शनि अस्त (Shani Asta 2025) का सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
शनि अस्त 2025 (Shani Asta 2025) से मेष राशि वालों के सामाजिक संबंधों और आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है। किसी से कोई रूका हुआ पैसा लेना है तो हो सकता है कि वह मिलने में देरी हो जाए। शनि के अस्त होने से आपको बेहतर करियर में मौके न मिलें।
करियर की ग्रोथ में देरी हो सकती है, जो लोग सरकारी नौकरी में हैं, उन्हें इस दौरान ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता होगी, क्योंकि बॉस या उच्चाधिकारियों के साथ अनबन होने की आशंका है। यात्रा के दौरान भी सावधानी बरतें।
शनि देव की अस्त अवस्था के दौरान यात्रा में सावधानी बरतें। पिता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए आगे की योजना बना रहे हैं, उसमें थोड़ी देरी हो सकती है।
कर्क राशि के जातकों को आठवें भाव से संबंधित परिणाम प्राप्त होंगे, जो काफी प्रतिकूल हो सकते हैं। ससुराल पक्ष के लोगों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है। अचानक से लाभ या हानि होने के भी योग बन रहे हैं। खर्चों को नियंत्रित करें।
प्रेम संबंध में या बिजनेस पार्टनर के साथ विवाद हो सकता है। प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कोई भी नया फैसला सोच विचार कर लें।
स्वास्थ्य पर असर डालेगा। कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट केस या कानूनी मामले में फंसे हुए हैं तो सावधान रहें। नौकरीपेशा जातक पदोन्नति की उम्मीद लगाकर रखेंगे, लेकिन सफलता की संभावना कम रहेगी।
बच्चों के साथ भी संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। दोस्ती और सामाजिक संबंधों में भी परेशानियां आ सकती हैं। लोन चल रहा है तो किस्त समय पर जमा करें और किसी से पैसे उधार न लें।
शनि देव चौथे भाव में अस्त होकर ढैय्या के माध्यम से मां के संबंध में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकते हैं। स्वास्थ्य में भी गिरावट आ सकती है। कोई प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बनाएं तो सतर्क रहें। ठगी के शिकार हो सकते हैं।
यात्राओं करने के दौरान परेशानी हो सकती है। जिस उद्देश्य से यात्रा पर जाएं, वह सफल न हो। मानसिक शांति के लिए कोई आध्यात्मिक यात्रा कर सकते हैं। भाई-बहनों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।
फैमिली बिजनेस में घाटा हो सकता है। पारिवारिक विवाद बढ़ सकता है। आर्थिक क्षति भी हो सकती है। सट्टा बाजार शेयर मार्केट में निवेश करने बचें, क्योंकि शनि देव की दृष्टि आठवें भाव पर पड़ रही है।
ऐसे में भाई-बहनों के साथ संबंध प्रभावित होंगे। विवाह में परेशानी हो सकती है। पेशेवर रूप से देखा जाए तो कार्यस्थल पर नौकरीपेशा जातकों को काम का अधिक दबाव महसूस हो सकता है। स्वास्थ्य में गिरावट भी आ सकती है।
ऐसे में आर्थिक नुकसान हो सकता है। कर्ज में बढ़ोतरी हो सकती है। वेतन वृद्धि न होने से मन दुखी रहेगा। कई कठिनाइयों से गुजरेंगे और आपका भरोसा अध्यात्म के प्रति बढ़ता जाएगा।