
Shanivar Shanidev Vrat tips: सनातन धर्म में शनिदेव एक ऐसे भगवान हैं, जो दुख-सुख, वरदान-श्राप, कष्ट और कामना पूरक दोनों माने जाते हैं। कई भक्तों को शनिदेव की असीम कृपा मिलती है, तो कुछ शनिदेव के रौद्र का भी परिणाम झेलते हैं। शनि की साढ़े-साती, शनि के ढय्ये को भी कई लोगों को अपनी गलती के कारण भुगतना पड़ता है। ऐसे में कई भक्त शनिदेव की नित्य पूजा-पाठ और भक्ति करते हैं। इसके बाद भी उन्हें मनचाहे फल नहीं मिल पाते। इस लेख में हम आपकी इसी समस्या का समाधान लेकर आए हैं। इसे पढ़कर आप छोटी-छोटी गलतियों के बारे में तो जानेंगे ही, साथ ही इस समस्या का सॉल्यूशन भी आपको मिल जाएगा।
शास्त्रीय विद्वान और धार्मिक विशेषज्ञ स्पष्ट बताते हैं कि, हनुमान जी की पूजा करने वालों को शनिदेव कभी परेशान नहीं करते हैं। शनिवार को नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ जरुर करें। इस बात का खास ध्यान रखें कि पहले हनुमान जी को प्रेमपूर्वक उनकी शक्ति याद दिलाएं। फिर अपनी समस्याओं और संकटों को राम जी का नाम लेकर हरने की प्रार्थना करें। भक्त विश्वास करते हैं कि, ऐसा करने से संकटमोचन, सर्वशक्तिमान हनुमान जी अवश्य ही कृपा करते हैं। हनुमान जी की भक्ति में भक्त को राम जी को सदैव प्रथम मानते हुए याद करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि हनुमान जी को सबसे ज्यादा राम नाम पसंद है। इससे उनकी कृपा तुरंत मिलती है।
जरूरतमंदों को अन्न, कपड़े, जूते या कंबल का दान करें।
काले तिल या उड़द की दाल जैसी काली चीजों का दान करना शुभ होता है।
शाम को आठ गरीबों को भोजन कराएं।
मान्यता है कि, कोई भक्त इन कामों को सच्ची श्रद्धा, पूरे मन और अच्छी नियत से करता है तो, उस पर शनिदेव प्रसन्न होते हैं। उसे शनि दोष से छुटकारा मिल जाता है और बाधाएं दूर हो जाती हैं। जीवन में शांति, संतोष और सकारात्मकता का प्रवाह होने लगता है।