Sharadiya Navratri 2024 : शारदीय नवरात्रि का पर्व भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, जिसमें मां दुर्गा की आराधना और साधना की जाती है। राजधानी में गुरुवार को इस महापर्व का शुभारंभ हुआ, जहां श्रद्धालु मां अंबे के जयकारे लगाते हुए पूजा-अर्चना में लीन हो गए।
Shardiya Navratri 2024 : ‘मां अंबे’ का जयकारा लगाते भक्त, मां के दर्शन करने की होड़ और सुख-समृद्धि की कामना करते श्रद्धालु। गुरुवार को शक्ति स्वरूपा मां भगवती की नौ दिवसीय साधना उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2024) के तहत राजधानी में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। सुबह द्विस्वभाव लग्न में घट स्थापना के साथ पूजा-अर्चना हुई। श्रद्धालु व्रत रखकर मां दुर्गा और भगवान श्रीराम की आराधना में लीन हो गए, जो दस दिन तक जारी रहेगा। राम मंदिरों में वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस की स्वर लहरियां गुंजायमान रहीं।
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा और पं. मोहनलाल शर्मा ने बताया कि शनिवार-रविवार को तृतीया तिथि की वृद्धि के कारण माता की आराधना नौ के बजाय दस दिनों तक होगी। आगामी दिनों में वाहन, ज्वैलरी, और प्रॉपर्टी की खरीद-फरोत के लिए शुभ योग रहेगा।
Shardiya Navratri 2024 : सुबह से परकोटा के बाजारों में लोगों की भीड़ नजर आई। जयंती मार्केट में विशेष सजावट की गई। वाहनों से लेकर ज्वैलरी शोरूमों पर ग्राहकों की आवाजाही रात तक रही। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोत के साथ नए व्यवसाय शुरू किए गए। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सुबह से नए खरीदे गए दोपहिया और चौपहिया वाहनों की पूजा के लिए कतारें रही। मंदिर में पूजन की विशेष व्यवस्था की गई है।