आज का पंचांग 18 मार्च 2026: जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त, चौघड़िया, तिथि, नक्षत्र, दिशा शूल और यात्रा के उपाय। सही समय पर कार्य शुरू कर सफलता पाएं।
Aaj Ka Panchang 18 March 2026: आज का पंचांग आपके दिन की सही शुरुआत करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 18 मार्च 2026, बुधवार के दिन अमावस्या तिथि, शुभ योग, राहुकाल, चौघड़िया और दिशा शूल जैसे महत्वपूर्ण ज्योतिषीय तत्व मौजूद हैं। यदि आप किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं या यात्रा करना चाहते हैं, तो सही समय और उपाय जानना आवश्यक है ताकि आपके कार्य में कोई बाधा न आए और सफलता सुनिश्चित हो सके।
विक्रम संवत् 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 28 रमजान
अयन – उत्तरायण
ऋतु – बसंत ऋतु
मास – चैत्र
पक्ष – कृष्ण
| क्रम | चौघड़िया प्रकार | समय अवधि | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 1 | लाभ + अमृत | सूर्योदय – 9:36 बजे तक | अत्यंत शुभ |
| 2 | शुभ | 11:06 बजे – 2:35 बजे | शुभ कार्य हेतु उत्तम |
| 3 | चर | 3:34 बजे – 5:03 बजे | सामान्य/चल कार्यों के लिए ठीक |
| 4 | लाभ | 5:03 बजे – सूर्यास्त तक | लाभकारी समय |
दिशा शूल - आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि उत्तर दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व गणेश जी का ध्यान करें, उन्हें लड्डुओं का प्रसाद चढ़ाकर सबको बांटें और स्वयं भी सेवन करके शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 12.00 से 1.30 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो सुपारी, पान या इलायची आदि का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – चतुर्दशी तिथि दिन 8.26 तक रहेगी तदुपरान्त अमावस्या तिथि होगी ।
नक्षत्र – पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र अंतरात्रि 5.21 तक होगा तदुपरान्त उत्तराभाद्रपद नक्षत्र होगा ।
योग – शुभ योग अंतरात्रि 4.01 तक रहेगा तदुपरान्त शुक्ल योग रहेगा ।
करण – शकुनि करण दिन 8.26 तक रहेगा तदुपरान्त चतुष्पद करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – पितृकार्य अमावस्या, पंचक, मेला पिहोर्वा तीर्थ (हरियाणा), मन्वादि, महापात योग रात्रि 3-45 से प्रारंभ
चन्द्रमा – आज रात्रि 11.36 तक कुंभ राशि में होगा तदुपरान्त मीन राशि में प्रवेश होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – सूर्य का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश दिन 9-21 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 11.36 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कुंभ होगी तदुपरान्त मीन राशि होगी ।
आज अंतरात्रि 5.21 तक जन्म लेने वाले बच्चों का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र होगा तदुपरान्त उत्तराभाद्रपद नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का लौह पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर से, सो, द, दी, दू पर रखे जा सकते हैं।
कुम्भ का स्वामी भी शानि हैं। इनका स्वभाव दयावान, निस्वार्थ, स्वतंत्रताप्रिय, कल्पना शील और देश-विदेश घूमने के शौकीन होते हैं। ये लोग सेल्समेन, वकील व जज होते हैं। ये जातक उच्चाधिकारी, उच्चपदासीन, क्रय-विक्रय, प्रोफेसर, जज-वकील, उच्चपदवी या धनी व्यापारी होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, साधन-सम्पन्न, तीव्र स्मरण-शक्ति एवं गंभीर प्रकृति वाले होते हैं।
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं इस राशि के बच्चे सौम्य, गंभीर स्वाभाव वाले, बुद्धिमान, विवेकी, ज्ञानी, धार्मिक, परोपकारी, साहित्य प्रेमी, आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, सज्जन, कल्पनाशील, उच्चाकांक्षी, स्वाभिमानी चंचल और कार्यों के प्रति थोड़े लापरवाह होते हैं.