Vishnu Rekha Palmistry: सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार हथेली में बनने वाली कुछ विशेष आकृतियां व्यक्ति के भाग्य, स्वभाव और जीवन की दिशा के बारे में संकेत देती हैं। इनमें से कुछ चिह्न ऐसे भी माने गए हैं जिनका सीधा संबंध भगवान विष्णु से जोड़ा जाता है। आइए जानते हैं ऐसे ही पांच प्रमुख चिह्नों के बारे में।
Vishnu Rekha Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर बनने वाली कुछ खास रेखाएं और चिह्न व्यक्ति के भाग्य, धन और जीवन दिशा के बारे में संकेत देते हैं। माना जाता है कि जिन लोगों की हथेली में विष्णु रेखा सहित ये 5 शुभ चिह्न होते हैं, उन पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है। ऐसे जातक जीवन में संकटों से सुरक्षित रहते हैं और उन्हें मान-सम्मान, सुख-समृद्धि व स्थिर सफलता प्राप्त होती है।
कमल भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसलिए हथेली में कमल के आकार का निशान बहुत शुभ माना जाता है। यह चिह्न भाग्य रेखा, गुरु पर्वत, शनि पर्वत या शुक्र पर्वत पर दिखाई दे सकता है।मान्यता है कि ऐसा व्यक्ति चाहे सामान्य परिस्थितियों में जन्म ले, लेकिन अपने परिश्रम और लगन से ऊंचाइयों तक पहुंचता है। धन, प्रतिष्ठा और सम्मान उसके जीवन में धीरे-धीरे स्थिर रूप से आते हैं।
भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार के कारण हथेली में मछली की आकृति को भी शुभ संकेत माना गया है। यदि यह निशान भाग्य रेखा या जीवन रेखा पर बनता है, तो यह विशेष सौभाग्य का संकेत देता है।ऐसे लोग जीवन में सही समय पर सही अवसर प्राप्त करते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और कठिन समय में भी किस्मत उनका साथ देती है।
हथेली में हृदय रेखा जब गुरु पर्वत की ओर जाकर दो भागों में विभाजित हो जाती है और तर्जनी व मध्यमा उंगली के बीच अंग्रेजी अक्षर ‘V’ जैसी आकृति बनाती है, तो इसे विष्णु चिह्न कहा जाता है।ऐसे लोगों को जीवन में बार-बार अवसर मिलते हैं और कठिन परिस्थितियों से निकलने की क्षमता उनमें स्वाभाविक रूप से होती है। माना जाता है कि ये लोग अपने प्रयासों से सफलता प्राप्त करते हैं और जीवन में पराजय का सामना कम ही करते हैं।
यदि उंगलियों के पहले पोर पर चक्र जैसी गोल आकृति दिखाई दे, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार यह निशान नेतृत्व, बुद्धिमत्ता और प्रतिष्ठा का प्रतीक होता है।ऐसे व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में अलग पहचान बनाते हैं। वर्तमान समय में इसे बड़े पद, सरकारी सम्मान, संपत्ति और समाज में मान-सम्मान से जोड़ा जाता है। जिन लोगों में यह चिह्न होता है, वे निर्णय लेने में तेज और दूरदर्शी माने जाते हैं।
शंख को भगवान विष्णु का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। यदि उंगलियों के पहले पोर पर शंख जैसी आकृति बनती है, तो यह विद्वता और शुभ भाग्य का संकेत होती है।ऐसे व्यक्ति ज्ञानवान, समझदार और प्रभावशाली वक्ता होते हैं। जिनकी एक से अधिक उंगलियों में यह निशान होता है, उन्हें जीवन में धन, यश और उच्च सामाजिक स्थान प्राप्त होने की संभावना मानी जाती है।