औरैया में के उप जिलाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है।
औरैया में उप जिलाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें राजस्व परिषद मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। मामला रिश्वत को लेकर जुड़ा है। उप जिलाधिकारी सदर के कार्यालय का एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ था। जिसमें एक फरियादी उप जिलाधिकारी की मौजूदगी में उनकी टेबल के दराज में पैकेट रखता हुआ दिखाई पड़ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को जांच के निर्देश दिए थे और एसडीएम को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। अब शासन जीरो टॉलरेंस नीट के प्रतिकूल कार्य करने पर निलंबित कर दिया गया है। मामला सदर तहसील का है।
उत्तर प्रदेश के औरैया के तत्कालीन उप जिलाधिकारी सदर राकेश कुमार का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें अपने कार्यालय में बैठे राकेश कुमार फरियादियों से बातचीत कर रहे हैं। इसी बीच एक व्यक्ति टेबल के सामने से उठकर एसडीएम के बाई तरफ आता है और टेबल के दराज में पैकेट रखता दिखाई पड़ रहा है। उसके जाने के पश्चात एसडीएम सदर दराज से पैकेट निकाल कर जेब में रखते हुए दिखाई पड़ रहे हैं।
वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए डीएम डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी ने एसडीएम राकेश कुमार को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था और एडीएम वित्त एवं राजस्व अविनाश चंद्र मौर्य को जांच करने के निर्देश दिए। अब उन्हें निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी की प्रारंभिक जांच आख्या और 19 अगस्त के सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामला शासन की प्रशासन की छवि धूमिल करने वाला पाया गया। जो प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के प्रतिकूल है।
उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 के विपरीत आचरण किए जाने के कारण उप जिलाधिकारी औरैया राकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। राकेश कुमार को राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है।